शांति जीवन के अंदर ही है इसे संजो कर रखें

शांति की खोज कार्यशाला का आयोजन किया गया.

जयनगर. हंस योग साधना केंद्र झुमरी तिलैया के तत्वावधान में आदर्श शिशु प्लस टू उवि के प्रांगण में जीने की राह कार्यक्रम के तहत शांति की खोज कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसका संचालन प्राचार्य प्रो दशरथ प्रसाद राणा व निदेशक रामदेव प्रसाद यादव ने संयुक्त रूप से किया. प्राचार्य प्रो राणा ने कहा कि शांति जीवन का अद्भुत संयोग है, जिसकी तलाश मनुष्य करता रहता है, परंतु यह उसके अपने विश्वास में छुपा रहता है. पुष्पा देवी ने कहा कि जीवन में शांति की तलाश सबको है, परंतु शांति की खोज करना नहीं आता, मानव जीवन के अंदर ही शांति है, उसे अपने अंदर की शांति को पहचानना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज दुनिया के सैंकड़ों देश में प्रेम रावत के शांति का संदेश फैल रहा है, शांति दूत के नाम से वह जाने जा रहे हैं. विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विपाषा कुमारी ने कहा कि मानव शांति की तलाश में जीवन भर भटकते रहता है, परंतु जीवन में शांति के रहस्य उसे तब पता चलता है, जब उसे लगता है कि हमारे अंदर वह चीज पहले से था परंतु उसकी तलाश मैंने नहीं किया. मौके पर हंसायोग साधना केंद्र झुमरी तिलैया से महादेव साव, विद्यालय के उपप्रचार्य लक्ष्मण चंद्र यादव, वरीय शिक्षक महेश्वर पांडेय ,प्रभु यादव, विनोद यादव, सिकंदर यादव, रामू यादव, प्रकाश यादव, श्याम सुंदर यादव, पिंटू कुमार पांडेय ,सतीश कुमार रंजन, रामचंद्र सिंह सहित सभी शिक्षक एवं शिक्षा कर्मी मौजूद थे.

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By DEEPESH KUMAR

DEEPESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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