रेलवे में बैटरी कार से लगेज ढुलाई का विरोध

रेलवे द्वारा स्टेशनों पर यात्रियों के सामान ढोने का काम कुली संवर्ग के लिए निर्धारित किया गया है़

कोडरमा. रेलवे द्वारा स्टेशनों पर यात्रियों के सामान ढोने का काम कुली संवर्ग के लिए निर्धारित किया गया है़ इसके लिये बाकायदा रेलवे कुलियों की नियुक्ति करता है और इस काम के लिए रेट भी निर्धारित करता है़ ऐसे में यात्रियों के सामान ढोने के कार्य को बैटरी कार को देना और उन पर लगेज रेट 30 रुपये लिखवाने का राष्ट्रीय कुली मोर्चा विरोध करेगा और प्रधानमंत्री, रेल मंत्री, राजनीतिक दलों के प्रमुखों और सांसदों को पत्र दिया जायेगा़ 17 अप्रैल से कुली मोर्चा मांग पखवारा की शुरुआत करेगा और 24 अप्रैल को रेल मंत्रालय में जाकर पत्र देगा़ यह निर्णय राष्ट्रीय कुली मोर्चा की राष्ट्रीय वर्चुअल बैठक में लिया गया़ बैठक की अध्यक्षता कुली मोर्चा के नेशनल को-ऑर्डिनेटर राम सुरेश यादव ने की. संचालन राहुल कुमार ने किया़ बैठक में कहा गया कि एक तरफ रेलवे मंत्रालय के अधिकारियों ने कुली मोर्चा के राष्ट्रीय नेतृत्व को लिखित रूप से सूचित किया कि स्टेशनों पर संचालित बैटरी कार और कार्यरत कुली एक-दूसरे के पूरक हैं. यानी बीमार, दिव्यांग, असहाय और वृद्ध लोगों को लाने ले जाने का कार्य बैटरी कार करेगी और सामान ले जाने का कार्य कुली करेंगे. वहीं कॉर्पोरेट घरानों और सरकार समर्थित ठेकेदारों को मदद करने के लिए स्टेशनों पर यात्री लगेज ले जाने का काम भी बैटरी कार को सौंपा जा रहा है, जो कुलियों की आजीविका पर सीधे तौर पर हमला है़ बैठक में रामबाबू भिलाला, भवन यादव, संजय पासवान, अनिल सांवले, शेख रहमतुल्लाह, कन्हैया ग्वाल, जफर अहमद, राम महावर, कलीम मकरानी, चंदेश्वर मुखिया, राज कपूर, रामजन्म यादव, राजकुमार, अरविंद, महेंद्र कुमार, अनिल मंडल, आनंद, शिव, अरुण कुमार महतो, शेख आमिर, नदीम, राजू यादव, चंद्रपाल, शशि, रणवीर, संतोष कुमार, मूल चंद, जितेंद्र डांगी, राजू टेकम, ओम प्रकाश खींची आदि ने अपनी बात रखी.

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Published by: Deepesh kumar

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