बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की जरूरत

रविवार को मंडल कारा, कोडरमा में जेल अदालत सह विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया.

कोडरमा. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वाधान में रविवार को मंडल कारा, कोडरमा में जेल अदालत सह विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. वहीं जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में प्राधिकार के एलएडीसी अधिवक्ता किरण कुमारी ने कहा कि जेल में आनेवाला हर बंदी अपराधी नहीं होता. बंदियों को अपराध की दुनिया से निकल समाज की मुख्यधारा में शामिल होना चाहिए, ताकि आनेवाले दिनों में वह स्वच्छ समाज के निर्माण में अपनी अहम भागीदारी हो. एलएडीसीएस के अधिवक्ता राजेंद्र मंडल ने कहा कि हमें अपराध से नफरत करना चाहिये, अपराधियों से नहीं. उन्होंने प्ली बारगेनिंग की जानकारी देते हुए कहा कि कोई भी बंदी प्ली बारगेनिंग के तहत दोष स्वीकार कर अपनी सजा कम करा सकते हैं. एलएडीसीएस अधिवक्ता ललन चौधरी व अश्विनी शरण ने बंदियों के अधिकारों से संबंधित कई महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी. इस अवसर पर जेल अदालत का भी आयोजन किया गया. हालांकि किसी भी बंदी ने कोई आवेदन नहीं दिया, जिस वजह से किसी को रिहा नहीं किया जा सका. मौके पर सहायक जेलर अभिषेक कुमार, जेलकर्मी राजीव कुमार, मोहम्मद मोइनुद्दीन आदि मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By ANUJ SINGH

ANUJ SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >