सतगावां. मीरगंज पंचायत के झरगांव में दो जुलाई 2023 को हुए वज्रपात हादसे के मामले में सरकारी मुआवजा राशि में कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. मृत बच्चों के परिजनों ने स्थानीय जनप्रतिनिधि पर मुआवजा दिलाने के नाम पर 3.50 लाख रुपये अवैध तरीके से निकालने का आरोप लगाया है. पीड़ितों ने मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है.
वज्रपात से दो बच्चों की हुई थी मौत
जानकारी के अनुसार, दो जुलाई 2023 को झरगांव में वज्रपात की चपेट में आने से थाली थाना क्षेत्र के बुधवारा निवासी फंटूश भुइयां की आठ वर्षीय पुत्री ऋतु कुमारी और झरगांव निवासी कुलेश्वर भुइयां के पांच वर्षीय पुत्र बालवीर कुमार की मौत हो गयी थी. हादसे में एक बच्चा गंभीर रूप से घायल भी हुआ था. दोनों मृतक बच्चे एक ही परिवार से संबंधित थे.
चार-चार लाख रुपये की मिली थी राहत राशि
घटना के बाद राज्य सरकार की ओर से दोनों मृत बच्चों के परिजनों के लिए चार-चार लाख रुपये, कुल आठ लाख रुपये की राहत राशि स्वीकृत की गयी थी. पीड़ित उर्मिला देवी व परिजनों का आरोप है कि मीरगंज पंचायत के मुखिया मंटू चौधरी ने सरकारी पदाधिकारियों को पैसे देने और कागजी प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर उन्हें भरोसे में लिया.
परिजनों का आरोप है कि ग्राहक सेवा केंद्र के माध्यम से अंगूठा लगवाकर छल-कपट से कुल 3.50 लाख रुपये निकाल लिये गये. उनका कहना है कि बच्चों की मौत के बाद परिवार की बेबसी और अशिक्षा का फायदा उठाया गया.
बीडीओ, थाना में दिया आवेदन
पीड़ितों ने बीडीओ, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी और सतगावां थाना में लिखित आवेदन देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है. परिजनों ने उपायुक्त को भी आवेदन देने की बात कही है.
मुखिया ने आरोपों को बताया मनगढ़ंत
आरोपों में घिरे मुखिया मंटू चौधरी ने आरोपों को मनगढ़ंत बताया है. उनका कहना है कि यह जांच का विषय है और जांच के बाद पूरा मामला स्पष्ट हो जायेगा.