Koderma: जमीन विवाद में बुजुर्ग की हत्या किये जाने के एक मामले की सुनवाई करते हुए, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमाकांत मिश्रा की अदालत ने मंगलवार को 6 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. साथ ही 8000 रुपये का जुर्माना लगाया. जिन आरोपियों को सजा सुनाई गई उसमें 47 वर्षीय उमेश यादव, 38 वर्षीय चुरामन यादव, 35 वर्षीय राम लखन यादव, 33 वर्षीय बसंती देवी, 32 वर्षीय ललिता देवी और 19 वर्षीय अविनाश कुमार सभी थाम चंदवारा निवासी शामिल हैं. अदालत ने 302 आईपीसी के तहत सभी को दोषी पाते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई. वहीं 307 आईपीसी के तहत दोषी पाते हुए 7 वर्ष की सजा सुनाई गई. सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी.
साल 2023 की है घटना
जानकारी के अनुसार मामला वर्ष 2023 का है. घटना को लेकर चंदवारा थाना में गणेश यादव ने आवेदन देकर कांड संख्या 109/23 दर्ज कराया था. आवेदन में गणेश यादव ने बताया था कि गोतिया लोगों से जमीन का विवाद चल रहा था. इसे लेकर पार्टीशन शूट न्यायालय में दिया गया था. इसी दौरान आरोपी उस जमीन पर जेसीबी लगाकर कार्य कर रहे थे. जब हम लोगों के द्वारा मना किया गया और बोला गया कि न्यायालय का निर्णय आने दो उसके बाद काम लगाना. इसी पर गुस्सा होकर उन लोगों के द्वारा हरवे -हथियार से लैस होकर मारपीट किया गया. घटना में मेरे अलावा भीखो यादव, दिनेश यादव, शंभू यादव सहित अन्य को गंभीर चोट आई. घायलों को तत्काल स्थानीय लोगों की मदद से इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने भीखो यादव 85 वर्ष को मृत घोषित कर दिया.
13 गवाहों का बयान दर्ज
हत्या का मामला अदालत में आने के बाद अभियोजन का संचालन लोक अभियोजक प्रवीण कुमार सिंह ने किया. इस दौरान 13 गवाहों का परीक्षण कराया गया. कार्रवाई के दौरान अपराध की गंभीरता को देखते हुए लोक अभियोजक ने न्यायालय से अभियुक्तों को अधिक से अधिक सजा देने का आग्रह किया. वहीं, बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनवर हुसैन ने दलीलें पेश करते हुए बचाव किया. अदालत ने सभी गवाहों और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद छह अभियुक्तों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा मुकर्रर की और जुर्माना लगाया.
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