कोडरमा: अपहरण कर हत्या करने व साक्ष्य छुपाने की नीयत से शव को बंद खदान में फेंक देने के एक मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राकेश चंद्रा की अदालत ने आरोपी अमरजीत सिंह उर्फ भूलटन पिता अजय सिंह 31 वर्ष निवासी फतेहपुर, सिरदल्ला नवादा बिहार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई.
अदालत ने यह सजा 302 आईपीसी के तहत आरोपी को दोषी पाते हुए सुनाई. साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया. वहीं न्यायालय ने 304 आईपीसी के तहत आरोपी को दोषी पाते हुए 2 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई. सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी. जानकारी के अनुसार मामला वर्ष 2023 का है. घटना को लेकर मृतक प्रदीप पंडित की पत्नी सुनीता देवी ने तिलैया थाना में आवेदन देकर कांड संख्या 258/23 दर्ज कराया था.
उस समय थाना को दिए आवेदन में सुनीता देवी ने कहा था कि 21 अक्टूबर 2023 को उसके पति को लेकर दलजीत सिंह कोडरमा गए थे. उनके पति दलजीत सिंह के यहां ड्राइवर के रूप में काम करता थे उसके बाद से मेरे पति घर वापस नहीं लौटे हैं. उनका मोबाइल फोन बंद आ रहा है. उन्हें विश्वास है कि उनके पति के अपहरण करने में दलजीत सिंह का हाथ है़ उन्होंने पुलिस से छानबीन कर न्याय की गुहार लगाई थी.
बाद में पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया था. अदालत में मामला आने पर अभियोजन का संचालन लोक अभियोजक प्रवीण कुमार सिंह ने किया. इस दौरान सभी गवाहों का परीक्षण कराया गया. कार्रवाई के दौरान अपराध की गंभीरता को देखते हुए लोक अभियोजक ने न्यायालय से अभियुक्त को अधिक से अधिक सजा देने का आग्रह किया.
वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता जयप्रकाश नारायण ने दलीलें पेश करते हुए बचाव किया़ अदालत ने सभी गवाहों और साक्ष्यों का अवलोकन करने के उपरांत अभियुक्त को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाते हुए, सश्रम आजीवन कारावास की सजा मुकर्रर की और जुर्माना लगाया़ ज्ञात हो कि न्यायालय ने इस कांड के एक अन्य आरोपी को 16 मई को ही आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.
