आयुषी हत्याकांड के मामले में पुलिस ने दोस्त को बताया जिम्मेवार

वृद्धा आश्रम की को-आर्डिनेटर आयुषी चावला की मौत के मामले में पुलिस ने उसके दोस्त हर्षदीप सोनकर को जिम्मेवार बताया है.

कोडरमा. विगत नौ जून को तिलैया थाना क्षेत्र के चित्रगुप्त नगर स्थित किराये के मकान में वृद्धा आश्रम की को-आर्डिनेटर आयुषी चावला की मौत के मामले में पुलिस ने उसके दोस्त हर्षदीप सोनकर को जिम्मेवार बताया है. आयुषी की मौत के मामले में हर्षदीप को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की थी. उसके बाद उसे छोड़ दिया गया था. अब उसकी गिरफ्तारी को लेकर आदेश जारी हुआ है. पुलिस अब अड्डी बंग्ला निवासी हर्षदीप सोनकर (पिता-ओमप्रकाश सोनकर) की तलाश कर रही है. घटना के करीब तीन माह बाद पुलिस ने सुपरविजन रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया है. वरीय पुलिस अधिकारी को भी सूचित किया है. हालांकि, इस मामले में जिस तरह पुलिस की भूमिका रही है, उससे कई सवाल उठ रहे हैं. मृतका की मां सीमा चावला ने भी मामले में आइओ व अन्य की भूमिका पर कई सवाल उठाये हैं.

ज्ञात हो कि आरोपों में घिरे हर्षदीप सोनकर का बचाव होते देख मृतका की मां ने जगह-जगह न्याय की गुहार लगायी थी. उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय तक इसकी शिकायत की थी. शिकायत के आलोक में मांगी गयी जानकारी के बाद कोडरमा के एसपी ने पुलिस महानिरीक्षक मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी है, जिसमें आरोपी के विरुद्ध सुपरविजन में आरोप को सत्य पाने व उसकी गिरफ्तारी का आदेश दिये जाने का जिक्र है. रिपोर्ट के अनुसार मृतका की मां परसाबाद निवासी सीमा देवी (पति-स्व दीपक कुमार सिंह) के द्वारा दिए गये परिवाद पत्र में आयुषी की हत्या कर साक्ष्य छुपाने की नियत से सीसीटीवी के डीवीआर इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस से छेड़छाड़ कर झाड़ी में छुपाने का आरोप लगाया गया था. इसकी जांच एसडीपीओ से करायी गयी. पुलिस के अनुसार घटनास्थल का निरीक्षण, शिकायतकर्ता व गवाहों के बयान, जब्ती सूची के अवलोकन, अंत्यपरीक्षण जांच प्रतिवेदन के अवलोकन, जब्त किये गये मोबाइल नंबरों के सीडीआर के विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज, अब तक के अनुसंधान, परिस्थितिजन्य साक्ष्य एवं पर्यवेक्षण में कांड धारा 108/238 के अंतर्गत प्राथमिकी अभियुक्त हर्षदीप सोनकर के विरुद्ध सत्य पाया गया है. एसपी के अनुसार मामले में कांड के अनुसंधानकर्ता को कई बिंदुओं पर निर्देश दिया गया है. साथ ही प्राथमिकी अभियुक्त की गिरफ्तारी का भी निर्देश दिया गया है.

अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज की

इधर, पुलिस की ओर से आरोपी हर्षदीप सोनकर की भूमिका को सत्य बताये जाने के बीच स्थानीय अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. 19 अगस्त को मामले में आरोपी के तरफ से दाखिल की गयी अग्रिम जमानत याचिका के बिंदु पर सुनवाई हुई. इसके बाद अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया.

तीन दिन में गिरफ्तारी नहीं, तो आमरण अनशन की चेतावनी

मृतका की मां सीमा देवी ने कांड के अनुसंधानकर्ता विजय गुप्ता की भूमिका पर सवाल उठाया है. मां का आरोप है कि आइओ आरोपी हर्षदीप सोनकर को संरक्षण दे रहे हैं. सीमा ने कहा है कि यदि अगले तीन दिनों में आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वह आमरण अनशन करेगी. ज्ञात हो कि आयुषी का शव किराये के मकान में संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ था. आयुषी यहां पर हर्षदीप के साथ लिव इन रिलेशन में रह रही थी. शव बरामद होने के कुछ घंटे पहले तक हर्षदीप उसके साथ था.

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By Anuj singh

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