त्याग और तपस्या की प्रतिमूर्ति थे महात्मा हंसराज कोडरमा. डीएवी पब्लिक स्कूल झुमरी तिलैया के प्रांगण में महात्मा हंसराज की जयंती मनायी गयी. कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षकों ने महात्मा हंसराज के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया. अराध्या राज ने अंग्रेजी में, श्वेता कुमारी ने हिंदी में सारगर्भित संबोधन प्रस्तुत किया. प्रत्यूष कुमारी ने संस्कृत में भाषण देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया. संचालन अराध्या सिंह ने किया. प्राचार्य कृष्णा कुमार सिंह ने कहा कि महात्मा हंसराज ने अपना संपूर्ण जीवन शिक्षा और समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया. वे केवल एक शिक्षाविद् ही नहीं, बल्कि त्याग और तपस्या की प्रतिमूर्ति थे. कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षिका मिथिलेश झा, गिरिजा शंकर पात्रो, कृति कुमारी, राजेंद्र शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
डीएवी में हंसराज जयंती मनायी गयी
त्याग और तपस्या की प्रतिमूर्ति थे महात्मा हंसराज
