मेहंदी, हल्दी से लेकर शादी के रस्म तक में बढ़ी फूलों की मांग

शादी का सीजन नजदीक आते ही बाजार में फूलों की मांग बढ़ गयी है.

झुमरीतिलैया. शादी का सीजन नजदीक आते ही बाजार में फूलों की मांग बढ़ गयी है. फूल कारोबारियों ने भी तैयारियां तेज कर दी है. इस बार विवाह समारोहों में थीम आधारित सजावट और फूलों के गहने विशेष आकर्षण हैं. विक्रेताओं का कहना है कि हल्दी, मेहंदी, और मंडप हर रस्म के लिए ताजे फूलों की मांग हो रही है. होटल, मैरिज हाल, लॉन और खुले स्थानों पर होनेवाले समारोहों में प्राकृतिक साज-सज्जा की चाहत बढ़ी है, जिससे व्यापार लगभग तीन गुणा तक बढ़ा है. विक्रेताओं के अनुसार लगन शुरू होने के पहले ही भारी संख्या में लोगों ने एडवांस बुकिंग करा दी थी. मंच, मंडप, स्वागत-द्वार और सेल्फी प्वाइंट सजाने के लिए अलग-अलग किस्म के फूलों की आवश्यकता पड़ रही है. दूल्हे की कार और डोली की सजावट में भी नये-नये डिजाइन शामिल किये जा रहे हैं. झुमरी तिलैया के फूल विक्रेता संतोष मालाकार बताते हैं कि इस मौसम में गुलाब, डेजी, लिली, जिप्सी और गेंदा की मांग सबसे अधिक रहती है. इसके साथ ही जयमाला और दुल्हन के लिए फूलों के गहने, चादर एवं मंच सजावट में आर्किड आदि विशेष फूल उपयोग में लाये जा रहे हैं. इनकी आपूर्ति बेंगलुरु, नासिक, पुणे और कोलकाता से होती है. शहर के फूल व्यवसायी रमेश माली का कहना है कि मांग तो बढ़ी है, पर आपूर्ति सीमित होने से दाम भी बढ़े हैं. ग्राहकों की रुचि के अनुसार भेजे जानेवाले फूलों में कीमतों में काफी अंतर है. गुलाब का बंडल लगभग 250 रुपये में, जयमाला के लिए बननेवाले विशेष जेवर 800 रुपये प्रति बंडल में उपलब्ध है. हल्दी माला 100 से 300 रुपये तक मिल रही है, जबकि सामान्य मालाओं की कीमत 600 रुपये से शुरू हो रही है. विक्रेताओं के अनुसार हर ग्राहक अपनी थीम और पसंद के अनुसार माला व सजावट तैयार करा रहा है. नये प्रयोगों के कारण विवाह समारोहों में तरह-तरह के फूलों का प्रयोग किया जा रहा है.

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Author: ANUJ SINGH

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