बंद अभ्रक खदान में चल रहा था अवैध खनन, वन विभाग ने की बड़ी कार्रवाई

Koderma News: कोडरमा के बसरोन जंगल स्थित बंद पड़े अभ्रक खदान में अवैध खनन का खुलासा हुआ है. वन विभाग ने छापेमारी कर चार जेनरेटर और पानी पंप बरामद किये. जेसीबी से खदान को भर दिया गया है और आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

कोडरमा से गौतम राणा की रिपोर्ट

Koderma News: झारखंड के कोडरमा जिले के बसरोन जंगल स्थित बंद पड़े अभ्रक खदान में अवैध खनन का मामला सामने आया है. वन विभाग ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर अवैध उत्खनन में इस्तेमाल हो रहे उपकरण जब्त किये और खदान को जेसीबी से भरवा दिया. इस कार्रवाई के बाद अवैध खनन से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है.

गुप्त सूचना पर वन विभाग ने चलाया अभियान

वन्य प्राणी प्रक्षेत्र पदाधिकारी रामबाबू कुमार को सूचना मिली थी कि वन्य प्राणी आश्रयणी क्षेत्र अंतर्गत ढोढाकोला के बसरोन जंगल में स्थित मुरुगुवा पुराना अभ्रक खदान में अवैध उत्खनन किया जा रहा है. सूचना मिलने के बाद वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर छापेमारी अभियान चलाया गया. टीम ने जंगल क्षेत्र में पहुंचकर बंद खदान के आसपास जांच की, जहां अवैध खनन के प्रमाण मिले.

चार जेनरेटर और पानी पंप बरामद

छापेमारी के दौरान वन विभाग की टीम ने अवैध खनन में इस्तेमाल किये जा रहे चार जेनरेटर और एक पानी पंप बरामद किया. अधिकारियों के अनुसार इन उपकरणों का उपयोग अभ्रक और ढिबरा निकालने के लिए किया जा रहा था. वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए तीन जेनरेटर और पानी पंप को मौके पर ही खदान में जमींदोज कर दिया, जबकि एक जेनरेटर को जब्त कर वन परिसर ले जाया गया. इसके बाद जेसीबी मशीन की मदद से मुरुगुवा खदान को पूरी तरह भर दिया गया, ताकि दोबारा वहां अवैध खनन न हो सके.

कई लोगों की संलिप्तता की आशंका

रामबाबू कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में बसरोन निवासी महेंद्र सिंह समेत अन्य लोगों की संलिप्तता की जानकारी मिली है. वन विभाग अब अवैध खनन से जुड़े सभी लोगों की पहचान करने में जुटा है. उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. विभाग इस मामले को गंभीरता से ले रहा है, क्योंकि वन्य प्राणी आश्रयणी क्षेत्र में अवैध खनन पर्यावरण और वन्यजीवों के लिए खतरा बन सकता है.

वन्य क्षेत्र में बढ़ी निगरानी

वन विभाग ने बताया कि वन्य प्राणी आश्रयणी क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए लगातार निगरानी बढ़ायी जा रही है. विभाग को सूचना मिल रही थी कि बंद खदानों में चोरी-छिपे खनन किया जा रहा है. अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे और अवैध खनन में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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छापेमारी दल में शामिल रहे ये अधिकारी

इस छापेमारी अभियान में प्रभारी वनपाल दुर्गा महतो, वनरक्षी पवन कश्यप, कुंदन कुमार, किशोर कुमार, गोपाल यादव तथा सपही पुलिस पिकेट के जवान शामिल थे. वन विभाग की इस कार्रवाई को अवैध खनन के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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