कोडरमा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित कार्यक्रमों को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश रजक ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि जन्मदिन मनाने की स्वतंत्रता सभी को है, लेकिन जब समाज का एक बड़ा वर्ग बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहा हो, तब सार्वजनिक जीवन में संसाधनों के इस्तेमाल और प्राथमिकताओं पर सवाल उठना स्वाभाविक है.
वाराणसी के आयोजन का दिया उदाहरण
प्रकाश रजक ने कहा कि वाराणसी में प्रधानमंत्री के 76वें जन्मदिन के अवसर पर 76 बटुकों ने मां गंगा का दुग्धाभिषेक किया. रिपोर्ट के अनुसार, इस आयोजन में 76 लीटर केसर जल और दूध का इस्तेमाल किया गया. उन्होंने कहा कि कोडरमा में भी करीब 1.40 लाख मिट्टी के दीयों से प्रधानमंत्री की आकृति बनायी गयी.
जरूरतमंदों तक संसाधन पहुंचाने की बात कही
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि उनका सवाल किसी की आस्था से नहीं, बल्कि प्राथमिकताओं से है. उन्होंने कहा कि जब गरीब परिवारों के बच्चे पर्याप्त दूध और पौष्टिक भोजन के लिए संघर्ष कर रहे हों, तब दूध को प्रतीकात्मक आयोजन में इस्तेमाल करने के बजाय जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाता, तो उसका सीधा लाभ गरीब परिवारों को मिलता.
राशन, दवा और शिक्षा सामग्री उपलब्ध कराने का सुझाव
प्रकाश रजक ने कहा कि यदि जरूरतमंदों के बीच राशन, बच्चों के लिए दूध, मरीजों के लिए दवा और विद्यार्थियों के लिए शिक्षा सामग्री उपलब्ध कराने का अभियान चलाया जाता, तो उसका सामाजिक प्रभाव अधिक होता.
