दिव्यांगता के शुरुआती दौर की पहचान व रोकथाम पर चर्चा

फ्रांसिस्कन क्लैरिस्ट सिस्टर्स सोसाइटी कोडरमा के द्वारा आइडीसीवाईडी प्रोजेक्ट के तहत वर्कशॉप ऑन एजुकेशनल, टीचिंग एंड लर्निंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

प्रतिनिधि कोडरमा. फ्रांसिस्कन क्लैरिस्ट सिस्टर्स सोसाइटी कोडरमा के द्वारा आइडीसीवाईडी प्रोजेक्ट के तहत वर्कशॉप ऑन एजुकेशनल, टीचिंग एंड लर्निंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया. प्रशिक्षणकर्ता संस्था होली फैमिली हॉस्पिटल सेवा सदन यूनिट के पर्यवेक्षक सुनील कुमार दास के द्वारा दिव्यांगता की शुरुआती दौर की पहचान एवं उसकी रोकथाम पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गयी. प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग छात्र छात्राओं और अभिभावकों को स्वास्थ्य और शिक्षा के प्रति जागरूक करने के साथ पुनर्वास के लिए प्रेरित कर मनोबल बढ़ाना था. जो बच्चे दिव्यांग हो गये हैं उनमें बचाव, सुधार व रोकथाम पर चर्चा की गयी. जहां उनके द्वारा दिव्यांगता की शुरुआती पहचान, पौष्टिक आहार के साथ संतुलित आहार के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी. उन्होंने अभिभावकों को बताया किया कि प्रतिदिन समय सारणी के अनुसार संतुलित पौष्टिक आहार एवं साथ भरपूर नींद लेने के साथ स्कूल भेजना अति आवश्यक है, जिससे बच्चों में सामाजिक भागीदारी सुनिश्चित होता है और शारीरिक विकास के साथ मानसिक तनाव कम किया जा सकता है. जयमंगल कुमार शाही ने एक्सरसाइज, थैरेपी, सहायक उपकरण, एएफओ, केएएफओ की विस्तृत जानकारी दी. मौके पर संस्था की संयोजिका सिस्टर लीला जोश, सिस्टर मेगी, फ्रांसिस मुर्मू, सन्नी कुमार, रंजीत कुमार सिंह, सूरज कुमार पांडेय, नीरा कुसुम खेस, प्रियंका कुमारी आदि मौजूद थे.

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By Vikash nath

26 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हूं. रिपोर्टिंग के साथ डेस्क का काम करने भी अनुभव प्राप्त है. खेल डेस्क में भी काम करने का अनुभव है. रुरल के संस्करणों को देखता हूं.

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