खरियोडीह में हजारों भक्त करेंगे जलाभिषेक, तैयारी पूरी

प्रखंड के खरियोडीह पंचायत स्थित बाबा खरियोडीह में महाशिवरात्रि के अवसर पर हजारों भक्तों श्रद्धालु जलाभिषेक करेंगे.

खरियोडीह मंदिर का इतिहास सैकड़ों वर्ष पुराना

जयनगर. प्रखंड के खरियोडीह पंचायत स्थित बाबा खरियोडीह में महाशिवरात्रि के अवसर पर हजारों भक्तों श्रद्धालु जलाभिषेक करेंगे. इसे लेकर सारी तैयारी पूरी कर ली गयी है. प्रशासन की ओर से भी विधि व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालन करने के लिए पुलिस बल तैनात किये जायेंगे. थाना प्रभारी उमानाथ सिंह ने बताया की खरियोडीह का अवलोकन हो चुका है. दो दिनों तक वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात की जायेगी. उल्लेखनीय है कि बाबा खरियोडीह जयनगर प्रखंड से 10 किलोमीटर दूर खरियोडीह और तिलोकरी पंचायत के बीचो-बीच स्थित है, जहां रक्षाबंधन, महाशिवरात्रि एवं श्रावण महीने में काफी श्रद्धालुओं की भीड़ लगती है. यहां विशाल मेले का आयोजन भी होता है. केवल जयनगर प्रखंड ही नहीं अपितु हजारीबाग जिला के कई प्रखंड के लोग इन अवसरों पर यहां पहुंचकर शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं, बाबा खरियोडीह का प्रादुर्भाव प्राकृतिक रूप से हुआ है.

यहां पर शिवलिंग होने का स्वप्न मुख्य पुजारी के पूर्वज को मिला था

उल्लेखनीय है कि सैकड़ों वर्ष पहले हल चलाते समय यहां पर शिवलिंग होने का स्वप्न मुख्य पुजारी के पूर्वज को मिला था. खुदाई करने पर शिवलिंग मिलते ही पूजा अर्चना प्रारंभ हो गयी थी, तब से लेकर आज तक यहां भक्तों श्रद्धालुओं की काफी भीड़ होती है. खरपोका, अलगडीहा, कुरूमडीहा, बेहराडीह ,यदुडीह, पिपचो, परसाबाद, कटिया सहित दर्जनों गांव के लोग यहां अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिए पहुंचते हैं. ऐसी मान्यता है कि यहां भगवान भोले शंकर सच्चे मन से की गयी प्रार्थना को स्वीकार कर उनकी मनोकामना को पूर्ण करते हैं. महाशिवरात्रि व रक्षाबंधन के अवसर पर विभिन्न तरह के मनोरंजन के लिए झूले, तारामाची, नाव झूला, घोड़ा झूला, मिकी माउस आदि भी लगाए जाते हैं, जो बच्चे को अपनी ओर आकर्षित करता है. महाशिवरात्रि में भारी भीड़ होती है जिसे नियंत्रण करने के लिए जयनगर थाना प्रभारी उमानाथ सिंह ने अतिरिक्त पुलिस बलों की नियुक्ति किया है. स्थानीय लोग भी शांति व्यवस्था बनाने के लिए कृत संकल्पित हैं.

उल्लेखनीय है कि सैकड़ों वर्ष पहले हल चलाते समय यहां पर शिवलिंग होने का स्वप्न मुख्य पुजारी के पूर्वज को मिला था. खुदाई करने पर शिवलिंग मिलते ही पूजा अर्चना प्रारंभ हो गयी थी, तब से लेकर आज तक यहां भक्तों श्रद्धालुओं की काफी भीड़ होती है. खरपोका, अलगडीहा, कुरूमडीहा, बेहराडीह ,यदुडीह, पिपचो, परसाबाद, कटिया सहित दर्जनों गांव के लोग यहां अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिए पहुंचते हैं. ऐसी मान्यता है कि यहां भगवान भोले शंकर सच्चे मन से की गयी प्रार्थना को स्वीकार कर उनकी मनोकामना को पूर्ण करते हैं. महाशिवरात्रि व रक्षाबंधन के अवसर पर विभिन्न तरह के मनोरंजन के लिए झूले, तारामाची, नाव झूला, घोड़ा झूला, मिकी माउस आदि भी लगाए जाते हैं, जो बच्चे को अपनी ओर आकर्षित करता है. महाशिवरात्रि में भारी भीड़ होती है जिसे नियंत्रण करने के लिए जयनगर थाना प्रभारी उमानाथ सिंह ने अतिरिक्त पुलिस बलों की नियुक्ति किया है. स्थानीय लोग भी शांति व्यवस्था बनाने के लिए कृत संकल्पित हैं.

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Published by: Vikash nath

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