बंगभाषियों ने आस्था व श्रद्धा के साथ की मां मनसा की पूजा-अर्चना

शहर के विभिन्न इलाकों में बंगभाषियों ने मां मनसा (विषधारी) की पूजा धूमधाम से की.

झुमरीतिलैया. शहर के विभिन्न इलाकों में बंगभाषियों ने मां मनसा (विषधारी) की पूजा धूमधाम से की. शहर के डॉ अधीर कुमार विश्वास व अड्डी बांग्ला रोड स्थित सरकार बाड़ी में 53 वर्षों से मां मनसा की पूजा होती आ रही है. पंडित अरिदंम बनर्जी व दिलीप मजूमदार ने सती बिहुला के बारे में बताया कि बाला लखेंद्र की जब सर्पदंश से मृत्यु हो जाती है, फिर महान सती बिहुला के त्याग व संघर्ष से बाला लखेंद्र को जीवन की प्राप्ति होती है. इसके बाद से ही मां मनसा की पूजा की शुरुआत हुई. पूजा के लिए महिलाएं उपवास पर रहती हैं. पूजा-अर्चना व हवन के बाद लोग फल व भोग का प्रसाद ग्रहण करते हैं. विद्यापुरी स्थित डॉ अधीर कुमार विश्वास के घर पर मां मनसा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा होती है. वहां बंग समुदाय के अलावा विभिन्न समुदायों के सैंकड़ो की संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं. यह सिलसिला सुबह 11:00 बजे से रात नौ बजे तक जारी रहता है. कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ अधीर कुमार विश्वास, मनोरमा विश्वास, डॉ ओमियो विश्वास, डॉ सीमा विश्वास, डॉ अशोक विश्वास, स्वीटी विश्वास, अनीता विश्वास, आलोक सरकार, चंद्रानी सरकार, सोमा सरकार, शर्मिष्ठा साहा, गायत्री दत्ता, सुष्मिता मुखर्जी, चैताली चटर्जी, राखी दत्त, मिली मित्रा, सुजाता गांगुली, मनोरमा दास, बलाका दासगुप्ता, वणानी घोष, वणानी राय चौधरी, उर्मिला दास के अलावे अनूप सरकार, विमल चटर्जी, उत्तम चटर्जी, सपन डे, सुधन्य घोष, रविंद्र चंद्र दास, निमाई दास, समीरन विश्वास आदि मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By ANUJ SINGH

ANUJ SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >