जन्मजात विकलांगता से ग्रसित 40 बच्चों का हुआ नि:शुल्क परीक्षण
झुमरीतिलैया : पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम की सफलता के बाद भी शारीरिक विकलांगता समाज में भयानक रूप से विद्यमान है. इसका मूल कारण जन्म के समय या जन्म के बाद मस्तिष्क के कुछ भाग नष्ट होने से होने वाली शारीरिक विकलांगता है. उक्त बातें सेरेब्रल पालिसी विशेषज्ञ डॉ जेके जैन ने स्थानीय शिव वाटिका में कही. रोटरी क्लब ऑफ झुमरीतिलैया कपल्स द्वारा जन्माजत विकलांगता से ग्रसित बच्चों का नि:शुल्क परीक्षण शिविर आयोजित किया गया था.
शिविर में 40 बच्चों की जांच की गयी. इससे पहले डॉ जेके जैन ने कहा कि सेरेब्रल पॉलिसी से ग्रसित बच्चों के लिए सिमलॉस तकनीक आशा की नयी किरण है. यह तकनीक वर्तमान में बच्चों के लिए वरदान सिद्ध हो रही है. डॉ जैन ने कहा कि आधुनिक तकनीकों में थेरेपी की तकनीक न्यूरो डेवलपमेंटल थेरेपी, सेंसरी इंटीगरेशन व सजिर्कल तकनीक, सिमलॉस कारगर तकनीक है. उन्होंने बताया कि सेरेब्रल पॉलिसी जन्म के समय या जन्म के बाद मस्तिष्क के कुछ भागों के नष्ट होने के कारण होती है. यह बीमारी आज थेरेपी की नयी तकनीकों के कारण लाइलाज नहीं रही. इन तकनीकों से बच्चों को अप्रत्याशित लाभ मिला है.
बावजूद इसके बच्चों के बड़े होने पर जकड़पन बढ़ा हुआ है. इस तकनीक से दो या दो से अधिक जोड़ों को क्रास करने वाली लंबी मांसपेशियों को संतुलित कर दिया जाता है. उन्होंने बताया कि इलाहाबाद स्थित संवेदना ट्रस्ट द्वारा इस तकनीक का प्रयोग करते हुए प्रसिद्ध हास्य कलाकार जय छनियारा सहित दो हजार से अधिक बच्चों को चलने- फिरने लायक बनाया जा चुका है. मौके पर रोटरी कपल्स के अध्यक्ष संजीव कालरा, विमल पचिश्यि, मनीष सूद, हरजीत सिंह लांबा, निलेश अग्रवाल आदि मौजूद थे.
