कोडरमा: जिस उम्र में अधिकतर लोग आरामदायक जीवन बिताना पसंद करते हैं, उस उम्र में महाराष्ट्र के 70 वर्षीय शिव खंडेश्वर महाराज करीब 10 हजार किलोमीटर लंबी आध्यात्मिक पदयात्रा पर निकले हैं. उनकी यात्रा 20 जून को केदारनाथ धाम से शुरू हुई. बद्रीनाथ और काशी विश्वनाथ के दर्शन के बाद वे देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग की ओर बढ़ रहे हैं.
इसके बाद वे जगन्नाथ पुरी, ओंकारेश्वर, महाकालेश्वर, सोमनाथ, नागेश्वर, त्र्यंबकेश्वर समेत सभी 12 ज्योतिर्लिंगों, दो प्रमुख शिवधामों और चार धाम की यात्रा पूरी कर रामेश्वरम पहुंचेंगे. इस यात्रा को पूरा करने में सात से आठ महीने लगने का अनुमान है. वे प्रतिदिन 30 से 35 किमी पैदल चलते हैं.
योग एवं नेचुरोपैथी में स्नातकोत्तर शिव खंडेश्वर महाराज ने बताया कि उनकी यात्रा का उद्देश्य केवल तीर्थ दर्शन नहीं, बल्कि लोगों को योग, स्वास्थ्य और आध्यात्म के प्रति जागरूक करना है. जहां भी रात्रि विश्राम करते हैं, वहां बच्चों और ग्रामीणों को योग का अभ्यास कराते हैं. उन्होंने कहा कि योग हर उम्र के लोगों के लिए लाभकारी है.
सेवानिवृत्ति के बाद भी व्यक्ति को स्वयं को कमजोर नहीं समझना चाहिए. वे पहले महाराष्ट्र में जिला परिषद में वाहन इंचार्ज थे और अब अपना जीवन समाज सेवा, योग प्रचार तथा आध्यात्मिक जागरूकता के लिए समर्पित कर चुके हैं.
