: किसान सिंचाई सुविधा से वंचित, बंजर पड़ी है 10 एकड़ कृषि योग्य जमीन राजेश सिंह जयनगर. प्रखंड के इरगोबाद स्थित अक्तो नदी घाट सरमाटांड़ के निकट एकीकृत बिहार के समय वर्ष 1984-85 में किसानों की सिंचाई सुविधा के लिए लघु सिंचाई विभाग द्वारा लिफ्ट एरिगेशन का निर्माण किया गया था, जो कुछ दिनों तक तो चला, लेकिन बाद में रख रखाव व कर्मी के अभाव में बंद हो गया. इस दौरान राज्य अलग हुआ, कई सरकारें आयी और गयीं. कई सांसद और विधायक भी बदले, लेकिन इस लिफ्ट एरिगेशन के हालात नहीं बदले. यहां लगा 25 एचपी का मोटर सुरक्षा कर्मी के अभाव में चोर ले उड़े. यहां तक की यहां बने कमरे के खिड़की-दरवाजे भी गायब हो गये और तो और खेतों तक जलापूर्ति के लिए अक्तो नदी में बना इंटक वेल बालू उत्खनन के कारण सूख चुका है. नदी का जल स्तर पर पाताल छू रहा है. इंटक वेल में लगा पाइप व मोटर जंग लग कर सड़ चुका है. इस लिफ्ट एरिगेशन के आसपास झाड़ियों का साम्राज्य हो गया है. हाल के दिनों में इसके जीर्णोद्धार का टेंडर तो हुआ, लेकिन काम के नाम पर कमरे का प्लास्टर और रंग रोगन मात्र हुआ. मशीनें आज भी बंद पड़ी हैं. किसानों की माने, तो इस लिफ्ट एरिगेशन के चालू होने से दस एकड़ से ऊपर भूमि की सिंचाई हो सकती है. फिलहाल किसान सिर्फ धान की खेती कर रहे हैं. वह भी कभी सूखा, तो अधिक बारिश, तो कभी कम बारिश की भेंट चढ़ जा रहा है. अगर सिंचाई की सुविधा होती, तो यहां गेहूं सहित अन्य फसलों की बेहतर खेती हो सकती है. उक्त लिफ्ट एरिगेशन प्रखंड मुख्यालय से मात्र दो किलोमीटर दूर जयनगर-सरमाटांड़ मुख्य मार्ग के निकट है, लेकिन इसकी बदहाली की ओर किसी का ध्यान नहीं है.
40 साल पुरानी लिफ्ट एरिगेशन योजना बदहाल
किसान सिंचाई सुविधा से वंचित, बंजर पड़ी है 10 एकड़ कृषि योग्य जमीन
