कोडरमा. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में शनिवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में विशेष लोक अदालत सह मासिक लोक अदालत का आयोजन किया गया. इस दौरान सात बेंचों के माध्यम से कुल 223 वादों का निष्पादन किया गया और विभिन्न विभागों से 4 हजार रुपये की वसूली की गयी. आयोजन से पूर्व प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित कुमार वैश ने कहा कि लोक अदालत आज के परिवेश में किसी परिचय का मोहताज नहीं है, इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है. उन्होंने बताया कि लोक अदालत में दिए गए फैसले में दोनों पक्षों की जीत होती है और कोई पक्ष इसे थोपे हुए निर्णय की तरह नहीं मानता. साथ ही, लोक अदालत के निर्णय के विरुद्ध कहीं भी अपील नहीं होती. सातों बेंचों में अलग-अलग न्यायाधीश और अधिवक्ताओं ने मामलों की सुनवाई की. इनमें प्रधान न्यायाधीश (कुटुंब न्यायालय) अमितेश लाल, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अमित कुमार वैश, ए.सी.जे.एम प्रज्ञा बाजपाई, सिविल जज सीनियर डिवीजन तृतीय सत्यभामा कुमारी, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी ज्योत्स्ना पाण्डेय और नमिता मिंज, तथा स्थाई लोक अदालत के प्रभारी अध्यक्ष राजेश कुमार वैश व सदस्य ममता सिंह, अनुपमा शामिल थे. इस अवसर पर न्यायालयकर्मी और अधिवक्ता भी उपस्थित रहे. यह आयोजन न्यायिक व्यवस्था में लोक अदालत की उपयोगिता और महत्व को रेखांकित करता है, जहाँ विवादों का समाधान आपसी सहमति से होता है और न्याय सुलभ एवं त्वरित रूप से प्रदान किया जाता है.
लोक अदालत में 223 वादों का निष्पादन
लोक अदालत में 223 वादों का निष्पादन
