बुलेट नहीं देने पर पत्नी की हत्या के आरोपी को 14 साल सश्रम कारावास

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय की अदालत ने सुनायी सजा

: अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय की अदालत ने सुनायी सजा कोडरमा बाजार. दहेज हत्या के एक मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राकेश चंद्रा की अदालत ने पति 26 वर्षीय सफीउल्लाह ( पिता नारोलहौदा, ग्राम बगरीडीह डोमचांच) को 80 (2) बीएनएस के तहत दोषी पाते हुए 14 साल सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया. जुर्माना की राशि नहीं देने पर तीन माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. मामला वर्ष 2025 का है. इसे लेकर मृतका की मां अफसाना खातून ने डोमचांच थाना में मामला दर्ज कराया था. आवेदन में अफसाना ने कहा था कि 29 अप्रैल 2023 को उसकी पुत्री की शादी सफीउल्लाह से हुई थी. शादी के बाद से ही उन लोगों द्वारा एक बुलेट और एक लाख रुपये नकद की मांग की जाने लगी. इनकार करने पर मेरी पुत्री को प्रताड़ित किया जाना लगा. कुछ दिन बाद मैंने किसी तरह 40 हजार रुपये जमा कर उन लोगों को दिया. उसके कुछ दिन बाद बेटी के ससुराल वालों द्वारा बुलेट और एक लाख रुपये की मांग करते हुए मेरी पुत्री को मारपीट कर मेरे यहां पहुंचा दिया गया. वहीं पर उनकी पुत्री ने एक बच्चा को जन्म दिया. छह मई 2025 को 20 हजार किसी तरह जमा कर मैंने अपनी पुत्री को उन लोगों के यहां पहुंचा दिया. उन लोगों ने 80 हजार शेष राशि और बुलेट की मांग की. सात मई 2025 को सफीउल्लाह ने मुझे फोन कर बताया कि आपकी पुत्री जीवित नहीं है. उन्होंने दहेज के लिए पुत्री की हत्या करने का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगायी थी. अदालत में मामला आने के बाद अभियोजन का संचालन लोक अभियोजक प्रवीण कुमार सिंह ने किया. अपराध की गंभीरता को देखते हुए लोक अभियोजक ने न्यायालय से अभियुक्त को अधिक से अधिक सजा देने का आग्रह किया. वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनवर हुसैन ने दलीलें पेश करते हुए बचाव किया.

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Author: DEEPESH KUMAR

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