मुनि श्री108 अरिजीत सागर का मंगल प्रवेश

झुमरीतिलैया : जैन धर्म के चर्या शिरोमणि गुरुवर आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज के परम प्रभाव मुनि श्री 108 अरिजीत सागर जी व प्रणव सागर जी महाराज का शहर में मंगल प्रवेश हुआ. ज्ञात हो कि मंगल विहार लगभग तीन माह पूर्व मध्यप्रदेश के बैतूल ग्राम से हुआ था, जो लगभग 1000 किलोमीटर […]

झुमरीतिलैया : जैन धर्म के चर्या शिरोमणि गुरुवर आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज के परम प्रभाव मुनि श्री 108 अरिजीत सागर जी व प्रणव सागर जी महाराज का शहर में मंगल प्रवेश हुआ. ज्ञात हो कि मंगल विहार लगभग तीन माह पूर्व मध्यप्रदेश के बैतूल ग्राम से हुआ था, जो लगभग 1000 किलोमीटर की पदयात्रा करते हुए यहां पहुंचे.

मुनि श्री रास्ते में कई तीर्थस्थलों के साथ राजगीर पावापुरी होते हुए यहां पहुंचे. महाराज का लक्ष्य श्री जैन धर्म के सबसे बड़े तीर्थराज सम्मेद शिखर का दर्शन करना है. उनके आगमन पर दोनों जैन मंदिरों में जैन धर्म के चौथे तीर्थंकर देवाधिदेव 1008 श्री अभिनंदन नाथ भगवान का जन्म तप कल्याणक भक्ति भाव के साथ मनाया. प्रथम अभिषेक एवं शांति धारा का सौभाग्य दिलीप बाकलीवाल को प्राप्त हुआ.
महासंघ आचार्य श्री 108 अनेकांत सागर जी महाराज का मंगल प्रवेश शहर के पहले चंदा फ्लावर में हुआ. यहां प्रदीप छाबड़ा, मीरा छाबड़ा, समाज के अध्यक्ष विमल बड़जात्या, मंत्री ललित सेठी ने स्वागत किया. महाराज श्री के सानिध्य में विश्व शांति, प्रदाता शांति विधान का आयोजन किया गया.

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