22वां राष्ट्रीय अधिवेशन से लौटे संजय पासवान
कोडरमा : मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) का 22वां राष्ट्रीय अधिवेशन 18 से 22 अप्रैल तक हैदराबाद में संपन्न हुआ. अधिवेशन से लौट कर झारखंड के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल सीपीएम के राज्य सचिव मंडल सदस्य संजय पासवान ने बताया कि अधिवेशन में देश की संप्रभुता, एकता व अखंडता की रक्षा के लिए सर्वसम्मति से सांप्रदायिक ताकतों को देश की एकता तोड़ने नहीं देने का संकल्प लिया गया. साथ ही संविधान व संसदीय जनतंत्र को ध्वस्त नहीं करने देने, भारत को अमेरिका का पिछलग्गू नहीं बनने देने के लिए नियमित संघर्ष का आह्वान किया गया. उन्होंने बताया कि 2019 में पार्टी का प्राथमिक काम है,
भाजपा को सत्ता से बाहर कर देश व जनता की एकता को बचाना. इसके लिए पार्टी अधिवेशन में तय नीतियों के आधार पर जन संघर्ष तेज करने का निर्णय लिया गया. जनता की लड़ाई को उसकी मुक्ति तक पहुंचाने के लिए और अधिक समर्पण तथा जिद के साथ आनेवाले दिनों में वर्ग संघर्ष को और तेज किया जायेगा. अधिवेशन में चर्चा में भाग लेते हुए संजय पासवान ने कहा कि फिक्स टर्म एंप्लॉयमेंट का प्रावधान कर देश की श्रमशक्ति के हाथ-पांव बांध कर उन्हें देशी-विदेशी काॅरपोरेट के मुनाफे का चारा बनाया जा रहा है.
इससे 100 साल पुराने श्रमिक रक्षा के सारे कानूनी अधिकार समाप्त कर दिये जायेंगे. मोदी नीति भाजपा सरकार की इस भारत की जनता व देश विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष तेज करना होगा. अधिवेशन के अंतिम दिन सर्वसम्मति से 95 सदस्यीय केंद्रीय कमेटी व 17 सदस्यीय पोलित ब्यूरो का चुनाव किया गया. इसमें सर्वसम्मति से सीताराम येचुरी को पुनः महासचिव बनाया गया. केंद्रीय कमेटी सदस्य के रूप में माकपा के झारखंड राज्य सचिव जीके बक्शी को लिया गया.
