फायरिंग, शक्तिमान में लगायी आग

कोडरमा : अवैध व अनियंत्रित खनन को लेकर चर्चित कोडरमा व इसके आसपास के इलाकों में इन दिनों वर्चस्व की लड़ाई चरम पर पहुंच गयी है. जिले के डोमचांच इलाके के सीमावर्ती क्षेत्र में शुक्रवार की अहले सुबह अभ्रक खदान पर कब्जा जमाने को लेकर जम कर फायरिंग हुई. यही नहीं बिहार के नवादा जिले […]

कोडरमा : अवैध व अनियंत्रित खनन को लेकर चर्चित कोडरमा व इसके आसपास के इलाकों में इन दिनों वर्चस्व की लड़ाई चरम पर पहुंच गयी है. जिले के डोमचांच इलाके के सीमावर्ती क्षेत्र में शुक्रवार की अहले सुबह अभ्रक खदान पर कब्जा जमाने को लेकर जम कर फायरिंग हुई. यही नहीं बिहार के नवादा जिले के रजौली थाना क्षेत्र के सवैयाटांड़ पंचायत में अभ्रक माफियाओं की लड़ाई में माइका लदे एक शक्तिमान को आग के हवाले कर दिया गया. घटना हनुमंती गांव के पास की है.

हालांकि, घटनास्थल रजौली थाना क्षेत्र होने के कारण कोडरमा के जिला पुलिस प्रशासन ने फिलहाल कोई एक्शन नहीं लिया है. दूसरी ओर सुबह में घटनास्थल पर रजौली थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर अवधेश कुमार के नेतृत्व में एसटीएफ, स्वाट व जिला पुलिस बल मौके पर पहुंचा. जिस जगह फायरिंग व शक्तिमान को आग लगाने की वारदात हुई, वह इलाका डोमचांच के सपही पुलिस पिकेट से कुछ दूरी पर ही स्थित है. जानकारी के अनुसार रजौली में स्थित शारदा माइका माइंस में अवैध कब्जे को लेकर माफियाओं के दो ग्रुप में महीनों से तनाव चल रहा है.

इसी तनाव के बीच सुबह माफियाओं ने माइका लदे एक शक्तिमान को आग के हवाले कर दिया और कई राउंड गोलियां भी चलायी. ग्रामीणों के अनुसार सुबह करीब तीन बजे शारदा माइका माइंस से माइका लोड कर एक शक्तिमान झुमरीतिलैया जा रहा था. इसी दौरान रास्ते में हनुमंती गांव के पास माइका लदे शक्तिमान पर अचानक गोलियां बरसायी गयी. इससे शक्तिमान के टायर का हवा निकल गया. फायरिंग होते ही शक्तिमान का चालक जंगल में भाग गया. ऐसे में माफिया ग्रुप ने शक्तिमान के चारों चक्के में आग लगा दिया. देखते-ही-देखते शक्तिमान जल गया. आग लगाने के बाद माफिया तत्व कई राउंड गोली फायर कर फरार हो गये. बताया जाता है कि शक्तिमान का मालिक सवैयाटांड़ पंचायत के बाराटांड़ निवासी जमाल मियां है. जमाल मियां शारदा माइका माइंस में अपने सहयोगियों के साथ माइका का अवैध कारोबार करता है.

कोडरमा व रजौली के दो ग्रुपों में वर्चस्व की लड़ाई : बताया जाता है कि रजौली थाना क्षेत्र में स्थित शारदा माइका माइंस तिलैया के एक व्यवसायी का है. कुछ कारणों से इन दिनों इस माइंस में व्यवसायी की ओर से खनन का कार्य नहीं किया जा रहा है. इसका फायदा उठाते हुए खनन माफिया माइंस में अवैध खनन लंबे समय से करा रहे हैं. बीते दो महीनों से इस अभ्रक खदान पर कब्जे को लेकर तनाव बना हुआ था. एक गुट का नेतृत्व माइंस क्षेत्र के स्थानीय माफिया कर रहे हैं, तो दूसरे गुट का नेतृत्व कोडरमा में बैठे लोग कर रहे हैं. करीब दो महीने पहले माइका चुनने का काम कर रही महिला मजदूरों के साथ छेड़छाड़ व मारपीट की घटना हुई थी. इसी वजह से स्थानीय लोगों में आक्रोश है और शुक्रवार को हुई घटना इसके परिणाम के रूप में सामने आया. इस बात की आशंका भी जतायी जा रही थी कि किसी भी वक्त खूनी संघर्ष हो सकता है. बावजूद इसके बड़े स्तर की कार्रवाई नहीं हो रही है. जानकार बताते हैं कि सवैयाटांड़ के खदान पर कब्जा व अवैध उत्खनन करने के लिए दो गुट आपस में उलझे हुए हैं. दोनों कब्जे को लेकर किसी हद तक जाने को तैयार हैं.
रास्ता कोडरमा से, बड़े स्तर की कार्रवाई नहीं : कोडरमा के कुछ इलाकों व इसके सीमावर्ती क्षेत्रों में माइका का अवैध उत्खनन लंबे समय से हो रहा है, पर जानकार बताते हैं कि जिस तरह का अवैध खनन रजौली थाना क्षेत्र में हो रहा है वह अपने आप में अलग है. अवैध खनन करा रहे लोग बकायदा मशीन का प्रयोग कर माइका खनन करवा रहे हैं. इसे प्रोसेसिंग के लिए शक्तिमान से ले जाने का रास्ता कोडरमा से ही है. कोडरमा के जंगली इलाके से शक्तिमान को निकाल कर कई बार तिलैया तो कभी गिरिडीह भेजा जाता है. यही कारण है कि अवैध खनन पर ठोस कार्रवाई को लेकर दो राज्यों की पुलिस प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित नहीं हो पाता. पिछले दो माह के दौरान माइका के अवैध खनन को रोकने के लिए दोनों राज्य के अधिकारियों की बैठक भी हुई. रणनीति तैयार कर कार्रवाई की बात कही गयी, पर आज तक बड़े स्तर की कार्रवाई नहीं हुई. इस धंधे से जुड़े लोग रोजी रोजगार के नाम पर माइका चुनने को अपना अधिकार समझते हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >