कोडरमा : कांग्रेस जिला अध्यक्ष शंकर यादव हत्याकांड में मुख्य आरोपी मुनेश यादव को दो लाख रुपये आर्थिक मदद करने व कुछ विस्फोटक उपलब्ध करवाने के आरोपी अशोक यादव ने शुक्रवार को स्थानीय अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया. हत्याकांड में मुनेश की गिरफ्तारी के बाद हुए खुलासे से अशोक यादव पर पुलिस की दबिश बढ़ी थी.
इसी क्रम में शुक्रवार दोपहर को उसने नाटकीय तरीके से न्यायिक दंडाधिकारी मिस पूजा की अदालत में सरेंडर कर दिया. जानकारी के अनुसार बम विस्फोट की घटना के बाद मामले की जांच के लिए गठित एसआइटी ने मुनेश सहित पांच लोगों को गत दिनों गिरफ्तार किया था. पुलिस रिमांड के दौरान मुनेश ने इस बात का खुलासा किया था कि घटना को अंजाम देने के लिए शंकर यादव के पड़ोसी अशोक यादव ने उसे दो लाख रुपये की मदद की थी.
इसके अलावा 6-7 किलो विस्फोटक भी हजारीबाग के एक जगह पर पहुंचाकर दिया था. इसके पूर्व घटना के दिन ही शंकर यादव की पत्नी हेमलता यादव ने मुनेश यादव के साथ ही गुल्ली यादव के चारों पुत्र पर हत्या का मामला दर्ज कराया था. एसआइटी टीम द्वारा पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद इस परिवार के किसी सदस्य की भूमिका तत्काल सामने नहीं आयी थी. ऐसे में पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष जाहिर किया था. इसी बीच रिमांड के दौरान मुनेश ने घटना में अशोक यादव की भूमिका के बारे में पुलिस को जानकारी दी. इसके बाद अशोक की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस टीम ने दबिश बढ़ा दी थी. अदालत में सरेंडर करने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. वहीं केस के अनुसंधानकर्ता इंस्पेक्टर केपी यादव ने अदालत से अशोक यादव को चार दिन की पुलिस रिमांड देने का अनुरोध किया. उम्मीद जतायी जा रही है शनिवार को अदालत आरोपी को पुलिस रिमांड पर भेजेगी. रिमांड में पूछताछ के दौरान कुछ और खुलासे हो सकते हैं.
