गाड़ी धीमी होते ही हुआ विस्फोट

चंदवारा (कोडरमा) : कांग्रेस जिलाध्यक्ष शंकर यादव की स्काॅर्पियो को बम से चंदवारा थाना क्षेत्र में उड़ा दिये जाने की घटना से लोगों में आक्रोश है. वहीं इस घटना के बाद पुलिसिया सिस्टम के कामकाज के तरीके पर भी सवाल उठ गये है. करीब तीन माह पूर्व 24 अक्तूबर 2017 को इसी ढाब थाम के […]

चंदवारा (कोडरमा) : कांग्रेस जिलाध्यक्ष शंकर यादव की स्काॅर्पियो को बम से चंदवारा थाना क्षेत्र में उड़ा दिये जाने की घटना से लोगों में आक्रोश है. वहीं इस घटना के बाद पुलिसिया सिस्टम के कामकाज के तरीके पर भी सवाल उठ गये है. करीब तीन माह पूर्व 24 अक्तूबर 2017 को इसी ढाब थाम के नजदीकी चौपारण थाना क्षेत्र में शंकर यादव को मोटरसाइकिल पर सवार होकर आये दो अपराधियों ने गोली मार दी थी. उस समय शंकर गंभीर रूप से घायल हुए थे. लंबे समय के इलाज के बाद वे ठीक होने पर इन दिनों क्षेत्र में निकल रहे थे. जिस वक्त गोली मारने की वारदात हुई थी, तो चौपारण पुलिस के समक्ष आवेदन देकर गोली चलाने का आरोप भटबिगहा निवासी मुनेश यादव (पिता- नाथो यादव) व अन्य पर लगा था.
पुलिस ने उस समय घटनास्थल से एक खोखा व कारतूस बरामद किया था. पर मामला के दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर तत्परता नहीं दिखायी. मुख्य आरोपी मुनेश खुलेआम घूमता रहा और अब इतनी बड़ी घटना हो गयी, तो इस घटना को भी पूर्व के मामले से जोड़ कर देखा जा रहा है. नयी घटना में शंकर यादव, निजी अंगरक्षक कृष्णा यादव की मौत हो गयी, तो पहले चौपारण पुलिस की ओर से बरती गयी लापरवाही अब कोडरमा पुलिस के लिए चुनौती साबित होगी. घटना को अंजाम देने में जिस तरह का तरीका अपनाया गया है, उसे प्रोफेशनल माना जा रहा है. जानकारों के अनुसार जिस तरह विस्फोट कर वाहन को उड़ाया गया उससे यह साफ है कि घटना को अंजाम देने की तैयारी पूर्व से चल रही थी. आसपास के लोगों के अनुसार शाम करीब 4:30 बजे तेज विस्फोट हुआ, तो लोगों को लगा की पत्थर खदान में कुछ फटा है. हालांकि, कुछ देर बाद ही घटना की सूचना आग की तरह फैल गयी. लोगों के अनुसार जिस जगह घटना को अंजाम दिया गया, वहां एक-दो दिन पूर्व ही किसी ने ब्रेकर बना दिया था, ताकि जब वाहन दूसरी ओर से आयें, तो यहां धीरे हो जाये. इस ब्रेकर का फायदा अपराधियों ने उठाया और साजिश के तहत संभवत: पहले से आटो में प्लांट किये गये बम को रिमोट द्वारा उड़ा दिया गया. यहीं कारण रहा कि पास से गुजर रही स्काॅर्पियो इसकी चपेट में आया और शंकर यादव असमय अपराधियों के साजिश के शिकार हो गये. घटनास्थल पर एक-दो जगह पर गड्ढे भी बन गये है. लोगों के अनुसार जिस आॅटो में बम प्लांट किया गया था, उसे कुट्टी भरा हुआ था. इधर, घटना के आद लोगों में आक्रोश है. घटना के बाद विभिन्न दलों के नेता, समाजसेवी, गणमान्य लोगों के अलावा भारी संख्या में पुलिस फोर्स व पदाधिकारी मौजूद है. पूरा प्रशासनिक अमला भी देर शाम मौके पर पहुंचा. इसमें मुख्य रूप से एसडीओ प्रभात कुमार बरदियार, एसी प्रवीण कुमार गागराई व अन्य शामिल थे.
देर रात उठाया गया शव, पुलिस पर लापरवाही का आरोप
इधर, घटना के बाद एसपी शिवानी तिवारी मौके पर पहुंची, तो कुछ देर जायजा लेने के बाद एंबुलेंस बुला कर शंकर यादव के शव को उठाने का प्रयास पुलिस ने किया. मौके पर मौजूद विधायक मनोज यादव व अन्य लोगों ने दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए शव को देर रात उठाने दिया. लोग पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा रहे थे. विधायक मनोज यादव ने भी पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया. देर रात तक घटनास्थल पर लोगों का पहुंचना जारी था.
पुलिस प्रशासन से मांगी थी सुरक्षा, पर मिली नहीं
घटनास्थल पर मौजूद एक पार्टी नेता के अनुसार पिछली बार हुए हमले के बाद शंकर यादव ने स्थानीय पुलिस प्रशासन से अपने लिए सुरक्षाकर्मी की मांग की थी, पर उपलब्ध नहीं करायी गयी. इस बीच अपराधियों का मनोबल बढ़ा भी. यहीं नहीं बताया जाता है कि मंगलवार को शंकर यादव पत्थर खदान की ओर नहीं जाना चाह रहे थे, पर अचानक चले गये. पूरी घटना को पत्थर खदान के जमीन विवाद के पुराने रंजिश से जोड़ कर देखा जा रहा है.
पिता कहते रहे, एक बार बेटे को देख लेने दो
शंकर यादव के परिवार में पिता मोहन यादव के अलावा पत्नी हेमलता देवी, दो बेटी रिची, मिनाक्षी व एक बेटा विकास और अन्य सदस्य है. घटना के बाद सभी का रो-रो कर बुरा हाल है. घटना के बाद मौके पर पहुंचे पिता मोहन यादव पूरी तरह गमजदा व बेसुध थे. वे बार-बार यही कह रहे थे कि एक बार बेटे को देख लेने दो, पर सगे संबंधी उन्हें आश्वासन देकर गाड़ी में बैठा रहे थे. घटना में जिस निजी अंगरक्षक कृष्णा यादव की मौत हुई, उसके बारे में बताया जा रहा है. हाल में उसकी बेटी की शादी होनेवाली थी.
मृदुभाषी थे शंकर, असमय मौत पर गमगीन हुआ माहौल
कांग्रेस जिलाध्यक्ष शंकर यादव मृदुभाषी व मिलनसार प्रवृत्ति के थे. इस कारण अधिकतर लोगों से उनका रिश्ता अच्छा था. उनके असमय निधन से पूरे जिले का माहौल गमगीन है. घटना की विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी निंदा की है. निंदा करनेवालों में भाकपा माले नेता श्यामदेव यादव, कांग्रेस नेता मनोज सहाय पिंकू, झामुमो जिलाध्यक्ष श्याम किशोर सिंह, राजद जिला प्रवक्ता सुदर्शन यादव, अभय कुमार सिन्हा आदि शामिल है.

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