ज्ञापन में कहा गया है कि सरकार द्वारा एक अगस्त 2015 से आंदोलनकारियों व शहीदों के परिजनों को जो छह माह से ऊपर जेल में रहे है, उन्हें पांच हजार रुपये और छह माह से कम रहने वाले को तीन हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन लागू किया गया. आंदोलन के दौरान ऐसे हजारों आंदोलनकारी रहे जिन्हें थाना अथवा अनुमंडल से गिरफ्तार कर निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया था.
ऐसे लोगों को चिह्नित कर उन्हें भी पेंशन का लाभ दिया जाये. झारखंड स्थापना दिवस पर आंदोलनकारियों व शहीदों के परिजनों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाये. चिह्नितीकरण आयोग द्वारा चिन्हित आंदोलनकारियों को 15 नवंबर 2000 से जोड़ कर पेंशन दिया जाये. सातवें वेतन के अनुरूप लाभ दिया जाये. ज्ञापन में जिलाध्यक्ष नागेश्वर प्रसाद, अजय कृष्ण, संतोष सहाय, बैजनाथ यादव, सत्यदेव राय आदि के हस्ताक्षर हैं.
