खूंटी. आदिवासी समन्वय समिति के तत्वाधान में गुरुवार को भगत सिंह चौक में आइआरएस अधिकारी निशा उरांव का पुतला दहन किया गया. आदिवासी समन्वय समिति के चंद्र प्रभात मुंडा ने कहा कि खूंटी जिला आदिवासी मूलवासी बहुल तथा खूंटकटी जिला है. यहां के आदिवासी तथा मूलवासी मुंडा ईसाई सदियों से एक साथ आदिवासी परंपरा व्यवस्था का संचालन करते आ रहे हैं. बावजूद आइआरएस अधिकारी निशा उरांव द्वारा सामाजिक डीलिस्टिंग पारंपरिक ग्राम सभा को अवैध करार देना असंवैधानिक है. उनके इस बयान को आदिवासी समाज व्यवस्था पुरजोर विरोध करती है. उनके वक्तव्य से आदिवासी मूल निवासी के सम्मान को ठेस पहुंचा है. मौके पर दामू मुंडा, सुरजू हस्सा, बिनसाय मुंडा, विमल होरो, महावीर टोप्पो, हेमंत टोपनो, जॉनसन होरो, संदीप हेरेंज, वासे मुंडा, जोसेफ होरो, अमित पूर्ति, बिरसा मुंडा, मंगल होरो, सुशील टोपनो, नंदराय मुंडा, एतवा मुंडा सहित अन्य उपस्थित थे.
आदिवासी समन्वय समिति ने निशा उरांव का पुतला फूंका
आदिवासी समन्वय समिति के तत्वाधान में गुरुवार को भगत सिंह चौक में आइआरएस अधिकारी निशा उरांव का पुतला दहन किया गया.
