स्कूलों में विद्यार्थियों को पोक्सो एक्ट की दी गयी जानकारी

स्कूलों में मंगलवार को शोषण, हिंसा और पोक्सो एक्ट से संबंधित विशेष जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया.

खूंटी. जिले के सभी मध्य, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में मंगलवार को शोषण, हिंसा और पोक्सो एक्ट से संबंधित विशेष जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया. विद्यालयों के छात्र और छात्राओं ने भाग लिया. इस अवसर पर उन्हें पोक्सो एक्ट के संबंध में विस्तार से जानकारी दी. प्रशिक्षकों ने बताया कि यह एक्ट एक विशेष कानून है, जो 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है. इस अधिनियम के तहत यौन उत्पीड़न, शोषण, अश्लील हरकतें, पोर्नाेग्राफी और अन्य यौन अपराधों को स्पष्ट रूप से परिभाषित कर कड़ा दंड निर्धारित किया गया है. इस कानून की सबसे अहम विशेषता यह है कि यह लड़कियों और लड़कों दोनों के लिए समान रूप से लागू होता है. इसके तहत पीड़ित की पहचान को गोपनीय रखना, बच्चे के अनुकूल न्याय प्रक्रिया अपनाना, और समयबद्ध सुनवाई सुनिश्चित की जाती है. पोक्सो एक्ट के माध्यम से बच्चों को यह संदेश दिया गया है कि कोई भी यौन हिंसा सहन करना उनकी मजबूरी नहीं है, और वे न्याय पाने के हकदार हैं.

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Published by: Chandan kumar

चंदन कुमार ने करियर की शुरुआत 1996 में प्रभात खबर से की. ऑल इंडिया रेडियो, सहारा समय टीवी, इंडिया टुडे एवं राष्ट्रीय सहारा में कार्य अनुभव. यात्रा वृतांत,साहित्य, सामाजिक बदलाव एवं कानूनी मामले की खबरों में रुचि. वर्तमान में मधेपुरा से खबरों का संकलन करते हैं.

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