कर्रा. कर्रा प्रखंड के कटमकुकू, कुलहुटू, पुटंग ढोड़हा में मंगलवार को चाला अखड़ा खोड़हा कुलहुटू के तत्वावधान में एदेल संगा 22 पड़हा जतरा का आयोजन किया गया. जतरा में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व पंचायती राज निदेशक सह भारत सरकार की इनकम टैक्स कमिश्नर निशा उरांव उपस्थित रहीं. उन्होंने कहा कि हम आदिवासियों की मुख्यतः दो मुद्दा है, पहला आदिवासियों की उनकी अपनी पहचान और दूसरा आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन का अधिकार. आदिवासियों की पहचान में, हमारी परंपरा में धार्मिक आस्था और सामाजिक अधिकार है. जिसे दूसरे धर्म के लोग कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने पेसा कानून, सरना धर्म कोड, ग्राम सभा का अधिकार और परंपरागत व्यवस्था पर जानकारी दी. जतरा में लोग पारंपरिक वेशभूषा और ढोल-मांदर के साथ शामिल हुये. जतरा स्थल में पारंपरिक गीत-संगीत और आदिवासी संस्कृति प्रस्तुत की गयी. इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में एदेल संगा 22 पड़हा महारानी अमृता मुंड और चाला अखड़ा खोड़हा के अध्यक्ष बंदी उरांव सहित आदिवासी दिशुम पड़हा समिति के खूंटी जिला संयोजक महादेव मुंडा, लोधमा मुखिया मंजुला उरांव, मनोज धान, पंचायत समिति सदस्य भोला खान, डहरू पाहन, सुखु मुंडा, प्रेम मुंडा, महेश लकड़ा, झिरगा परधिया, बिरसा टूटी, झिरगा खलखो, बिरसी लकड़ा, पूनम नाग, जयपाल मुंडा, अनिल केशरी, सनिका मुंडा सहित अन्य उपस्थित थे.
एदेल संगा 22 पड़हा जतरा का आयोजन
एदेल संगा 22 पड़हा जतरा का आयोजन किया गया.
