दिऊड़ी मंदिर के सौंदर्यीकरण कार्य के विरोध में उतरे ग्रामीणों ने किया हंगामा

प्राचीन दिऊड़ी मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर मंगलवार को एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया.

मंदिर परिसर में उत्पन्न हो गयी थी पुलिस के साथ झड़प की स्थिति

काम रोकवाने पहुुंचीं गांव की महिलाएं हुईं उग्र, बुलडोजर रूकवाया

स्लग :::: रोजगार जाने की आशंका से सौंदर्यीकरण का विरोध कर रहे थे ग्रामीण, एसडीओ ने समझाया

दिऊड़ी मंदिर सौंदर्यीकरण को लेकर विवाद, प्रशासन ने कराया काम चालू

तमाड़. प्राचीन दिऊड़ी मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर मंगलवार को एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया. करीब आठ करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से पर्यटन विभाग द्वारा मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण किया जाना हैं. मंगलवार को यहां जब संवेदक ने दोबारा निर्माण कार्य शुरू कराया. तो इसकी सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर परिसर पहुंच गये और विरोध जताने लगे. स्थानीय उग्र हो गये. इनमें अधिकतर स्थानीय महिलाएं थीं. देखते ही देखते मंदिर परिसर रणक्षेत्र बन गया. रैपिड एक्शन फोर्स के महिला व पुरुष के जवानों से महिलाएं उलझ पड़ीं. हो-हंगामा के बीच परिसर में ही विरोध कर रहे ग्रामीणों और पुलिस के बीच हाथापाई की स्थिति उत्पन्न हो गयी. स्थिति के तनावपूर्ण होते ही बुंडू एसडीएम किस्टो कुमार बेसरा, एसडीपीओ ओम प्रकाश समेत तमाड़ थाना प्रभारी रोशन कुमार और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद कर उन्हें समझाने का प्रयास किया. सावधानी के तौर पर प्रशासन ने नेता पूर्णचंद सिंह मुंडा को एहतियातन हिरासत में लिया. अपने नेता को पुलिस हिरासत में देख बुलडोजर चलाने का विरोध कर रहे महिला-पुरुष और अधिक उग्र हो गये. अंतत: पूर्णचंद्र सिंह मुंडा को पुलिस ने हिरासत से मुक्त किया. प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद माहौल शांत हुआ और सौंदर्यीकरण कार्य दोबारा शुरू कराया गया. एहतियात के तौर पर मंदिर परिसर में पुलिस बल की तैनाती कर दी गयी है और प्रशासन की निगरानी में काम जारी है. प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को उनके फायदे बताते हुए कार्य प्रारंभ करने पर जोर दिया. बताया गया कि मंदिर परिसर में पक्की दुकानें, मैरिज हॉल, धर्मशाला आदि कई जन उपयोगी योजनाएं शामिल हैं. जिससे मंदिर में पूजा अर्चना करने आनेवाले श्रद्धालुओं को सुविधा होगी.

बॉक्स ::::: ग्रामीणों को है दुकान टूटने का भय

ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर परिसर के आसपास वर्षों से उनकी दुकानें लग रही है. सौंदर्यीकरण कार्य के दौरान ये दुकानें टूट जायेंगी और काम पूरा होने के बाद उन्हें दोबारा दुकानें मिलेंगी या नहीं. इसे लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. इसी वजह से वे लगातार इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं.

बॉक्स ::::: एसडीओ ने की स्थानीय दुकानदारों की आशंका दूर

एसडीएम किस्टो कुमार बेसरा ने कहा कि दिऊड़ी मंदिर झारखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में शामिल है. यहां देशभर से श्रद्धालु आते हैं, लेकिन अब तक सुविधाएं न के बराबर है. इसी वजह से सरकार ने सौंदर्यीकरण का निर्णय लिया है. स्थानीय दुकानदारों की आशंकाओं को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है. पहले उन्हीं दुकानदारों को दुकानें दी जायेगी, जो वर्षों से यहां कारोबार कर रहे हैं. फिलहाल प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बनी सहमति के बाद स्थिति नियंत्रण में है और सौंदर्यीकरण का कार्य प्रशासन की देखरेख में जारी है.

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Published by: Shubham haldar

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