खूंटी: जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में शनिवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. इसका उदघाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रसिकेश कुमार की अध्यक्षता में हुआ. उन्होंने कहा कि लोक अदालत विवादों के त्वरित और शांतिपूर्ण समाधान का प्रभावी माध्यम है. आपसी सहमति से मामलों के निष्पादन से पक्षकारों का समय और धन बचता है तथा न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है. उन्होंने लोगों से लोक अदालत के माध्यम से विवादों का समाधान कराने की अपील की.
राष्ट्रीय लोक अदालत में 7254 प्री-लिटिगेशन और 762 लंबित मामलों का आपसी समझौते व सौहार्दपूर्ण तरीके से निष्पादन किया गया. कुल चार करोड़ सात लाख 12 हजार 597 रुपये का सेटलमेंट हुआ. मामलों के निष्पादन के लिए 11 पीठों का गठन किया गया था. इनमें पारिवारिक न्यायालय, दीवानी एवं आपराधिक मामले, अपील व रिवीजन, मोटर दुर्घटना दावा वाद, प्री-लिटिगेशन व बैंक, उपभोक्ता, एसडीओ न्यायालय, सर्टिफिकेट ऑफिसर, एलआरडीसी, भू-अर्जन पदाधिकारी तथा नगर पंचायत से संबंधित मामलों का निष्पादन किया गया.
मामलों के निबटारे के लिए 11 पीठों का गठन
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव कमलेश बेहरा ने बताया कि लोक अदालत में मामलों का सफल निष्पादन हुआ. पीठ संख्या एक में डीजे प्रथम राकेश कुमार मिश्र, अधिवक्ता मुकुल कुमार पाठक व शशि कला कुमारी, पीठ दो में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अर्जुन साव, अधिवक्ता मदन मोहन राम व ममता सिंह, पीठ तीन में एसडीजेएम विद्यावती कुमारी, अधिवक्ता आशीष कुमार व सुमित कुमार कश्यप, पीठ चार में जेएम प्रथम श्रेणी अमित आकाश सिन्हा, अधिवक्ता जुनुल होरो व मिलन कुमार दास, पीठ पांच में स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष केके सिंह, सदस्य मधु चंद्र कुमारी रजक व रूबी कुमारी, पीठ छह में जिला उपभोक्ता फोरम की अध्यक्ष रीता मिश्र, सदस्य सुरेश कुमार राय व राधा रानी, पीठ सात में एसडीओ दीपेश कुमारी व अधिवक्ता प्रेम प्रकाश होरो, पीठ आठ में सर्टिफिकेट अधिकारी आनंद कुमार व अधिवक्ता अनिभा तिर्की, पीठ नौ में एलआरडीसी सीमा कुमारी व अधिवक्ता मनोज कुमार ठाकुर, पीठ दस में एलएओ सीमा कुमारी व अधिवक्ता कविता कुमारी तथा पीठ 11 में नगर पंचायत कार्यपालक पदाधिकारी सृष्टि दिप्रिया मिंज व अधिवक्ता राजेश कुमार शामिल थे.
