खूंटी. श्रावण माह में 17 अगस्त को नाग पंचमी और सोमवार का दुर्लभ संयोग बन रहा है. बाबा आम्रेश्वर धाम प्रबंध समिति के अनुसार, ऐसा संयोग अब 14 वर्ष बाद 2040 में बनेगा. इस अवसर पर भगवान शिव और बासुकी नाग देवता की संयुक्त पूजा को विशेष फलदायी माना जाता है.
मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की आराधना से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है. कालसर्प और राहु-केतु दोष से संबंधित पूजा-अनुष्ठान के लिए भी यह दिन महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इसे देखते हुए धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. भीड़ को देखते हुए समिति और जिला प्रशासन के सहयोग से सुरक्षा समेत अन्य व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद किया जा रहा है.
मंदिर में विशेष शृंगार और पूजा-अर्चना की व्यवस्था भी की गयी है. इधर, स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ पर बाबा आम्रेश्वर धाम के मुख्य मंदिर समेत पूरे परिसर को तिरंगे से सजाया गया है. समिति अध्यक्ष लाल ज्ञानेंद्र नाथ शाहदेव 15 अगस्त को सुबह 11 बजे धाम कार्यालय परिसर में ध्वजारोहण करेंगे. कार्यक्रम में श्रद्धालुओं और आम लोगों को आमंत्रित किया गया है.
