मजदूर दिवस बना 'मजबूर दिवस': गोवा में समुद्र की लहरों ने छीनी खूंटी के अरविंद की जिंदगी

Khunti Laborer Death: खूंटी जिले के रनिया प्रखंड अंतर्गत औरगटोली गांव के 24 वर्षीय अरविंद डहंगा का शव मजदूर दिवस के दिन गांव पहुंचा. रोजगार की तलाश में गोवा गए अरविंद की मौत मंगलवार को समुद्र में मछली उतारने के दौरान डूबने से हो गई थी. तीन भाइयों में सबसे बड़े अरविंद पर ही पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी. राज्य में रोजगार की कमी और पलायन के कारण हुई इस मौत ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है.

खूंटी/रनिया, (चंदन कुमार की रिपोर्ट): खूंटी जिला अंतर्गत रनिया प्रखंड के औरगटोली गांव (जयपुर पंचायत) के लिए इस बार का मजदूर दिवस काले दिन की तरह रहा. शुक्रवार को जब 24 वर्षीय मजदूर अरविंद डहंगा का पार्थिव शरीर ताबूत में बंद होकर एंबुलेंस से गांव पहुंचा, तो कोहराम मच गया. जिस बेटे के हाथों में घर की आर्थिक स्थिति सुधारने की जिम्मेदारी थी, उसे इस हाल में देख परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं.

समुद्र की लहरों ने छीन ली जिंदगी

परिजनों के मुताबिक, अरविंद पिछले साल अगस्त में बेहतर भविष्य और रोजगार की तलाश में अपने दोस्तों के साथ गोवा गया था. वहां वह समुद्री जहाज से मछली पकड़ने और उतारने का काम करता था. बीते मंगलवार, 28 अप्रैल को काम के दौरान वह समुद्र में गिर गया और डूबने से उसकी मौत हो गई. शुक्रवार को उसका शव फ्लाइट के जरिये गोवा से रांची और फिर वहां से सड़क मार्ग द्वारा गांव लाया गया.

Also Read: लोहरदगा में भीषण टक्कर: ओवरटेक के चक्कर में वैगनआर के उड़े परखच्चे, गढ़वा के दो बच्चे भी गंभीर

पलायन की भेंट चढ़ा घर का बड़ा बेटा

तीन भाइयों में सबसे बड़े अरविंद के कंधों पर पूरे परिवार के भरण-पोषण का जिम्मा था. वह नहीं चाहता था कि उसके परिवार को कभी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़े, लेकिन नियति ने कुछ और ही तय कर रखा था. ग्रामीणों का कहना है कि अगर झारखंड में ही रोजगार के पर्याप्त अवसर होते, तो अरविंद जैसे युवाओं को अपनी जान जोखिम में डालकर हजारों किलोमीटर दूर नहीं जाना पड़ता.

गांव में पसरा सन्नाटा

अरविंद की असामयिक मौत ने एक बार फिर पलायन के दर्द को उजागर कर दिया है. स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि ऐसे पीड़ित परिवारों के लिए विशेष आर्थिक सहायता और स्थानीय स्तर पर रोजगार की व्यवस्था की जाए. फिलहाल, पूरे औरगटोली गांव में शोक की लहर है और लोग इस दुखद घड़ी में पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे हैं.

Also Read: 62 घंटे बाद जंगल से निकला नक्सली का शव: चाईबासा में हुआ पोस्टमार्टम, 5वीं से ही थामी थी बंदूक

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Sameer Oraon

समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >