खूंटी. जिला बाल संरक्षण इकाई और बाल कल्याण संघ के संयुक्त तत्वावधान में जिले में 15 दिवसीय बाल तस्करी से आजादी अभियान की शुरुआत गुरुवार को डीआरडीए सभागार से हुई. अभियान के तहत बाल तस्करी, बाल श्रम, बाल विवाह, स्कूल ड्रॉपआउट और गुमशुदा बच्चों की रोकथाम को लेकर गांव-गांव में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जायेंगे. मुख्य अतिथि सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग आनंद कुमार ने कहा कि बाल सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए सभी विभागों और सामाजिक संगठनों को समन्वित प्रयास करने होंगे.
उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में 200 बच्चों का स्पॉन्सरशिप योजना के लिए चयन किया जा चुका है और पात्र बच्चों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया जारी है. जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी मो. अल्ताफ खान ने बताया कि अभियान के दौरान गांव से बाहर रह रहे बच्चों, स्कूल छोड़ चुके बच्चों, बाल श्रमिकों और गुमशुदा बच्चों की पहचान कर उनके बचाव, पुनर्वास और मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा. चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 का भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा.
डालसा के चीफ लीगल डिफेंस काउंसिल राजीव कमल ने बच्चों को निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी दी. राज्य प्रमुख शिवानी प्रिया ने बताया कि अभियान के तहत नुक्कड़ नाटक, रैली, जनचौपाल, दीवार लेखन और खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित की जायेंगी. 30 जुलाई को विश्व मानव तस्करी विरोध दिवस पर फुटबॉल और हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन होगा. मौके पर विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, बाल संरक्षण से जुड़े कर्मी सहित अन्य उपस्थित थे.
