कर्रा से सगीर अहमद की रिपोर्ट
खूंटी. कर्रा प्रखंड क्षेत्र के झपरा गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का जर्जर भवन बच्चों के लिए खतरा बना हुआ है. भवन की दीवारों और छत में जगह-जगह दरारें पड़ गयी हैं. बारिश के मौसम में इसकी स्थिति और खराब हो जाती है. ऐसे में आंगनबाड़ी केंद्र आने वाले मासूम बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है.
छत और दीवारों में पड़ी दरारें
आंगनबाड़ी केंद्र में रोज छोटे-छोटे बच्चे पहुंचते है, ऐसे में जर्जर भवन में केंद्र का संचालन करना जोखिम भरा है. ग्रामीणों के अनुसार, लंबे समय से भवन की मरम्मत नहीं होने के कारण इसकी स्थिति लगातार खराब होती जा रही है. छत और दीवारों में पड़ी दरारें किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं.
कई बार विभाग को दी गयी जानकारी
ग्रामीणों ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र की बदहाल स्थिति की जानकारी कई बार संबंधित विभाग को दी जा चुकी है. इसके बावजूद अब तक भवन की मरम्मत को लेकर कोई ठोस पहल नहीं हुई है. बारिश के दिनों में भवन की स्थिति और गंभीर हो जाती है, जिससे बच्चों और आंगनबाड़ी कर्मियों की परेशानी बढ़ जाती है.
तत्काल कार्रवाई की मांग की
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से आंगनबाड़ी केंद्र के जर्जर भवन का तत्काल निरीक्षण कराने की मांग की है. साथ ही भवन की आवश्यक मरम्मत कराने या नया भवन बनाने की अपील की है. उनका कहना है कि किसी अनहोनी का इंतजार करने के बजाय समय रहते भवन की स्थिति सुधारने के लिए कदम उठाया जाना चाहिए, ताकि आंगनबाड़ी केंद्र आने वाले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.
