40 से अधिक आयुवर्ग वाले लोग आंखों की नियमित जांच करायें
विश्व ग्लूकोमा सप्ताह को लेकर जागरूकता कार्यक्रम
By CHANDAN KUMAR | Updated at :
प्रतिनिधि, खूंटी.
विश्व ग्लूकोमा सप्ताह को लेकर शुक्रवार को सिविल सर्जन कार्यालय सभागार में सिविल सर्जन डॉ शोभा किस्पोट्टा की अध्यक्षता में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ. जिसमें सहियाओं को ग्लूकोमा (काला मोतिया) के कारण, लक्षण, समय पर जांच तथा बचाव के उपायों की जानकारी दी गयी. सिविल सर्जन डॉ शोभा किस्पोट्टा ने कहा कि ग्लूकोमा आंखों की एक गंभीर बीमारी है. जो धीरे-धीरे दृष्टि को स्थायी रूप से नुकसान पहुंचा सकती है. शुरुआती अवस्था में इसके स्पष्ट लक्षण नहीं दिखायी देते, इसलिए नियमित नेत्र जांच अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने सहियाओं से गांव-गांव में लोगों को जागरूक करने की अपील की. कहा कि 40 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को समय-समय पर आंखों की जांच कराने के लिए प्रेरित करें. नेत्र विशेषज्ञ डॉ शियोन केरकेट्टा ने बताया कि ग्लूकोमा के कारण आंख के अंदर दबाव बढ़ जाता है. जिससे दृष्टि तंत्रिका को नुकसान पहुंचता है. समय पर पहचान होने पर दवा और उपचार से इसे नियंत्रित किया जा सकता है. देर होने पर दृष्टि हानि स्थायी हो सकती है. कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम प्रबंधक कानन बाला तिर्की, जिला डाटा प्रबंधक श्वेता सिंह, जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ उदयन शर्मा, नेत्र पदाधिकारी प्रेम प्रकाश, नेत्र सहायक ,लोकेश कुमार, विष्णु कुमार प्रामाणिक सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मी मौजूद थे.