खूंटी. खूंटी जिला एक ओर अफीम की अवैध खेती के लिए बदनाम है तो दूसरी तरफ तरबूज की खेती के लिए प्रसिद्ध भी है. खूंटी जिले के मुरहू, तोरपा, कर्रा, रनिया और अड़की के विभिन्न गांवों में बहुतायत में तरबूज की खेती की जाती है. खूंटी जिले की तरबूज की मांग राज्य के दूसरे जिलों के साथ-साथ अन्य प्रदेशों में भी है. खूंटी के तरबूज की मांग उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, पश्चिम बंगाल आदि में है. व्यापारी यहां के किसानों से सीधे खेत से ही तरबूज खरीद कर ले जाते हैं. तरबूज की उन्नत किस्म किरण की भी खूंटी जिले में खूब खेती होती है. जो काफी मीठा और अच्छा तरबूज माना जाता है. सामान्य तरबूज से इसकी कीमत कुछ अधिक रहती है. जिले में किरण तरबूज की कीमत लगभग दस से 11 रुपये प्रति किलोग्राम है. जो बाजार में 20 रुपये से 30 रुपये प्रति किलोग्राम के दर पर बिकता है. वहीं सामान्य तरबूज आठ-नौ रुपये प्रति किलोग्राम के दर पर बिक रहा है. एक अनुमान के अनुसार जिले में लगभग दो हजार एकड़ में लगभग एक हजार किसानों ने तरबूज लगाया है. तरबूज की खेती करने में विभिन्न स्वयं सहायता संगठन और संस्था भी काम कर रही है. जिससे किसानों को अच्छी फसल के साथ-साथ अच्छा बाजार आसानी से मिल रहा है. तरबूज व्यवसायी सौरभ साहू ने बताया कि खूंटी में हर साल तरबूज की अच्छी पैदावार होती है. इससे किसानों को अच्छी आमदनी होती है.
खूंटी में तरबूज की अच्छी पैदावार से किसान खुश
करीब दो हजार एकड़ में एक हजार किसानों ने तरबूज लगाया है
