नियमावली में मुंडारी भाषा को शामिल करने की मांग

आदिवासी मुंडारी भाषा व संस्कृति बचाव संघर्ष समिति खूंटी के बैनर तले एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त आर रॉनिटा को ज्ञापन सौंपा.

खूंटी.

आदिवासी मुंडारी भाषा व संस्कृति बचाव संघर्ष समिति खूंटी के बैनर तले एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त आर रॉनिटा को ज्ञापन सौंपा. जिसमें झारखंड शिक्षक पात्रता नियमावली में मुंडारी भाषा को शामिल करने की मांग की गयी है. समिति के पदधारियों ने कहा कि खूंटी मुंडा बहुल जिला है. साजिश के तहत नियमावली में मुंडारी भाषा को नहीं रखा गया है. खूंटी के अलावा अन्य जिलों में भी जहां मुंडारी बहुतायत पर बोली जाती है, वहां भी मुंडारी भाषा को शामिल नहीं किया गया है. यह बेहद खेद का विषय है. समिति ने नियमावली में मुंडारी भाषा को शामिल करने की मांग की है. मौके पर चंद्रप्रभात मुंडा, दामू मुंडा, दुर्गावती ओड़ेया, मानसिंह बोदरा, बासिंह मुंडा, मंगरा मुंडा सहित अन्य उपस्थित थे.

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Published by: Chandan kumar

चंदन कुमार ने करियर की शुरुआत 1996 में प्रभात खबर से की. ऑल इंडिया रेडियो, सहारा समय टीवी, इंडिया टुडे एवं राष्ट्रीय सहारा में कार्य अनुभव. यात्रा वृतांत,साहित्य, सामाजिक बदलाव एवं कानूनी मामले की खबरों में रुचि. वर्तमान में मधेपुरा से खबरों का संकलन करते हैं.

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