कर्रा. कर्रा प्रखंड के डुफू गांव में रविवार को कछुआ पांच पड़हा व्यवस्था और रूढ़िवादी व्यवस्था को संरक्षित रखने को लेकर पांच गांव के लोगों की सामूहिक बैठक सोमरा पाहन की अध्यक्षता में की गयी. बैठक में पांचों गांव लोटा, गड़के, कोने, डुफू और तुनेल के पदाधिकारी के साथ ही साथ पांचों गांव के ग्रामीण शामिल हुए. इस अवसर पर पड़हा व्यवस्था और रूढ़िवादी व्यवस्था को सुव्यवस्थित तरीके से चलाने और आदिवासियों की ऐतिहासिक व्यवस्था को संरक्षित रखते हुए, इसे क्षेत्र में निवास करनेवाले सभी समुदाय के लोगो की रक्षा, स्वशासन, रूढ़िवादी व्यवस्था को कायम रखते हुए समाज को आगे लेकर चलने की विषयों पर चर्चा परिचर्चा की गयी. पांच पड़हा की बैठक सिलसिलेवार तरीके प्रत्येक मौजा में प्रत्येक महीना बैठक करने का निर्णय लिया गया. बैठक के माध्यम से लोगों को जागरूक करते हुए अपनी संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने का निर्णय लिया गया. वहीं शादी विवाह में डीजे बाजा पर अंकुश लगाने, एक गोत्र में ढूकु शादी नहीं करने, नशापान पर रोक लगाने, पड़हा व्यवस्था के लिए माह में एक बार एक रुपये सहयोग राशि देने, युवा – युवतियों को संगठित करने का निश्चय किया गया. बैठक में सुशील पाहन, सुनीता धान, एतवा मुंडा, मंगल पाहन, पंहरीश मुंडा, शांति होरो, सुषमा मिंज, लीली आईन्द, राजन मुंडा, जयमंगल मुंडा, अजय खलखो, राजेंद्र मुंडा, चैतन मुंडा, मनोज होरो, सुरेंद्र भेंगरा, महादेव भेंगरा, राजेश मुंडा, आनंदीप मुंडा सहित अन्य उपस्थित थे.
कच्छुवा पांच पडहा के ग्रामीणों ने की सामूहिक बैठक
पांच गांव के लोगों की सामूहिक बैठक सोमरा पाहन की अध्यक्षता में की गयी.
