तोरपा : खूंटी डीडीसी बी भास्करन पौधरोपण कार्यक्रम के लिए शुक्रवार को तोरपा प्रखंड के गोपला गांव पहुंचे. लेकिन यहां उन्होंने पौधा लगाने के लिए तैयार किये गड्ढे को देख कई तरह के सवाल खड़े कर दिये.
पौधा लगाने की तकनीक सही नहीं होने की बात कह डीडीसी बिना पौधरोपण किये ही लौट गये. उन्होंने वहां उपस्थित अधिकारियों, अभियंता, सीएफटी के प्रतिनिधियों पर नाराजगी भी जतायी. डीडीसी ने ग्रामीणों, मनरेगा मेठ, लाभुकों तथा सीएफटी के लोगों से पौधरोपण की प्रक्रिया तथा इससे संबंधित दिये गये प्रशिक्षण की भी जानकारी ली. कहा कि पौधरोपण के संबंध में सही से प्रशिक्षण नहीं दिया गया है. उन्होंंने निर्देश दिया कि गड़बड़ी को ठीक करने के बाद ही पौधरोपण करें. मौके पर बीडीओ प्रभाकर ओझा सहित बीपीओ अमरेश सिन्हा, रोजगार सेवक, पंचायत सेवक, प्रदान के मनिंद्र आदि उपस्थित थे.
डीडीसी ने कहा
पौधरोपण के लिए तैयार किये गये गड्ढे की लाइनिंग सही नहीं रखी गयी है. गड्ढों के बीच की दूरी सही नहीं है. गड्ढों में खाद की मात्रा सही नहीं डाली जा रही है. उन्होंने कहा कि यहां पर पौधों को जमीन के नीचे छह इंच की दूरी पर लगाने की बात कही जा रही थी, जो गलत है. पौधों को जमीन के अंदर कम से कम डेढ़ फीट की दूरी पर लगाया जाना चाहिए. डीडीसी ने कहा कि पौधरोपण के लिए लाये गये पौधों की गुणवत्ता भी सही नहीं है.
