खूंटी : मुरहू अंतर्गत कुंजला निवासी बिनेतियुक्त डोढराय को तरबूज की खेती से अच्छी आमदनी हो रही है. उसने पेलोल डैम के किनारे अपनी टांड़ भूमि पर तरबूज की खेती की है. खेती के वक्त बिनेतियुक्त के पास महज कुछ सौ रुपये थे. उसने तरबूज का हाइब्रिड बीज खरीदा. खेत में लगाया.
पौधों की सेवा की. भार से पानी लाकर पटवन किया. उसकी मेहनत रंग लायी. आज उसके छोटे से खेत में सैकड़ों तरबूज फले हैं. बिनेतियुक्त के मुताबिक पहले ही प्रयास में तरबूज की खेती से उसे अच्छी आमदनी हुई है. वह तरबूज को थोक में रांची के दुकानदारों को बेच रहा है. तरबूज की खेती से उत्साहित बिनेतियुक्त ने अब पूरे साल मौसमी सब्जी की खेती का मन बनाया है.
