डकरा : एनके, पिपरवार व मगध अाम्रपाली कोयला खदान खोलने के लिए अपनी जमीन कोल इंडिया को देनेवाले अनुसूचित जाति, जनजाति को उनका वाजिब हक भी नहीं मिल पा रहा है. कोयला प्रबंधन ऐसे लोगों को कार्यालय का चक्कर लगवा कर परेशान कर रहा है. यह बातें ऑल इंडिया एससी/एसटी/ओबीसी इंप्लाइज को-अॉर्डिनेशन कौंसिल के प्रदेश अध्यक्ष वृजकिशोर राम पासवान ने कही.
वे सोमवार को चतरा विकास भवन में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामेश्वर उरांव को कोयला क्षेत्र के विस्थापितों की समस्या से अवगत करा रहे थे. चतरा में सीसीएल प्रबंधन, राज्य सरकार के आला अधिकारी के साथ आयोग की बैठक थी.
इस बैठक में एनके पिपरवार क्षेत्र की समस्याअों को लेकर स्थानीय प्रतिनिधि बिंदेश्वर राम, रामप्रवेश राम, चुरामन दास, बैजनाथ राम, सैनाम टाना भगत, अनूप उरांव, नरेश करमाली, विजय कुमार बेदिया मौजूद थे. इन लोगों ने ऐसे कई विस्थापितों की सूची राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंपी, जो अपनी जमीन देकर वर्षों से परेशान हैं.
बैठक में राज्य सरकार के प्रतिनिधि के रूप में चतरा उपायुक्त, संबंधित क्षेत्रों के सीओ व सीसीएल के निदेशक कार्मिक आरआर महापात्र भी मौजूद थे.
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इन समस्याअों के अविलंब निबटारे का आदेश दिया है. यह जानकारी कौंसिल के एनके एरिया अध्यक्ष बिंदेश्वर राम ने विज्ञप्ति जारी कर दी है.
