कृषि को बनाया स्वरोजगार का साधन…ओकेफोटो 1– कद्दू के खेत मे राजकुमार महतो।-अपनी मेहनत से बंजर भूमि को खेती योग्य बनाया-20 मजदूर प्रतिदिन राजकुमार महतो की खेत में काम करते हैंबुंडू. कृषि बेरोजगार युवकों के स्वरोजगार का साधन बन सकता है. इसे बुंडू प्रखंड के दलकीडीह गांव निवासी 38 वर्षीय राजकुमार महतो ने साबित करके दिखलाया है. उन्होंने दलकीडीह गांव के समीप बुंडू-सोनाहातू पथ के किनारे स्थित 12 एकड़ बंजर भूमि को अपनी मेहनत के बल पर खेती योग्य बना दिया है. राजकुमार ने सात एकड़ में आलू, दो एकड़ में कद्दू , दो एकड़ में खीरा तथा एक एकड़ में नेनुआ की खेती की है. राजकुमार महतो की खेत में प्रतिदिन 20 मजदूर काम करते हैं. उन्हें 150 रुपये मेहनताना के अलावा नाश्ता व खाना भी मिलता है. राजकुमार ने सिंचाई के लिए खेत के समीप एक गड्ढा खुदवाया है. राजकुमार महतो ने बताया कि पढ़ाई करने के बाद जब नौकरी नहीं मिली, तब कृषि को स्वरोजगार के रूप में अपनाने का निर्णय लिया. आलू, कद्दू, खीरा, नेनुआ समेत अन्य हरी सब्जी की खेती के लिए दो लाख का ऋण लिया है. इस वर्ष कृषि कार्य से सात लाख रुपये की आमदनी होने का अनुमान है.
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कृषि को बनाया स्वरोजगार का साधन…ओकेफोटो 1– कद्दू के खेत मे राजकुमार महतो।-अपनी मेहनत से बंजर भूमि को खेती योग्य बनाया-20 मजदूर प्रतिदिन राजकुमार महतो की खेत में काम करते हैंबुंडू. कृषि बेरोजगार युवकों के स्वरोजगार का साधन बन सकता है. इसे बुंडू प्रखंड के दलकीडीह गांव निवासी 38 वर्षीय राजकुमार महतो ने साबित करके […]
