रेत के नीचे पहुंची दामोदर व सपही की जलधारा

खलारी : खलारी की प्रमुख नदी दामोदर और सपही की जलधारा भीषण गर्मी में रेत के नीचे चली गयी है. इन नदियों पर आश्रित बड़ी आबादी के सामने अब पानी की समस्या उत्पन्न हो गयी है. दामोदर की दो सहायक नदियां सपही नदी तथा सोनाडूबी भी खलारी में बहती हैं. इन दोनों सहायक नदियों में […]

खलारी : खलारी की प्रमुख नदी दामोदर और सपही की जलधारा भीषण गर्मी में रेत के नीचे चली गयी है. इन नदियों पर आश्रित बड़ी आबादी के सामने अब पानी की समस्या उत्पन्न हो गयी है. दामोदर की दो सहायक नदियां सपही नदी तथा सोनाडूबी भी खलारी में बहती हैं. इन दोनों सहायक नदियों में पतली धारा जहां-तहां दिखाई दे रही है, लेकिन दामोदर तक पहुंचने में यह भी रेत के नीचे विलीन हो जा रही है. खलारी प्रखंड में मैक्लुस्कीगंज के बघमरी में दामोदर कोयलांचल में प्रवेश करती है.

यहां से उत्तरी सीमा में बहते हुए पिपरवार से बाहर निकल जाती है. उसी तरह सपही दक्षिण से उत्तर की ओर बहती है. इन दोनों नदियों से सटे गांवों की आबादी तो इन नदियों के पानी पर निर्भर है ही, कई जल परियोजनाएं भी इसके सहारे हैं. सीसीएल की कॉलोनियों में दामोदर नदी का पानी ही फिल्टर कर आपूर्ति की जाती है. वहीं सुभाषनगर, चूरी आदि कॉलोनी में सपही से जलापूर्ति होती है.
प्रखंड के पांच पंचायतों के जलापूर्ति के लिए बने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए सपही में ही संप बना कर पानी लाया जा रहा है. सीसीएल प्रबंधन तो नदी से बालू हटा कर पानी निकाल ले रहा है. लेकिन सबसे बड़ा संकट उन मवेशियों के लिए है जो पूरी तरह इन नदियों पर ही आश्रित हैं. ग्रामीणों का कहना है कि जहां-तहां से अपने लिये पानी ढो रहे हैं, लेकिन नदी के सूखने के बाद मवेशियों के लिए पानी ढूंढ़ना बड़ी समस्या बन गयी है. इनके लिए अब बारिश ही सहारा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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