सोनु कुमार पांडेय, टाटीझरिया : प्रखंड के पहाड़ों व नदी व जंगलों से भरी मन लुभाती मनोरम दृश्य डैम व जंगल नववर्ष मनाने वालों के लिए पूरी तरह तैयार है. प्रखंड मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर बड़का बौन का चूना खान का निचला हिस्सा पिकनिक मनाने के लिए पूरे प्रखंड में सबसे अच्छी जगह है. यहां पर आने के लिए लोग निजी वाहन अथवा बड़का बौन जंगल से पैदल आ सकते है.
इस जंगल में बहुत सारे जंगली फल-फूल मिलते है. सैलानी प्रकृति के इस विचित्र सौंदर्य को देख रोमांचित हो जाते है. इस जगह में सालों भर पानी बहते रहता है. पहले इस स्थान पर आदिवासी जनजाति के लोग घर बना कर रहते थे. पहले जंगलों में भयानक जानवरों का बोलबाला था. इससे लोग डर कर यहां से भाग गये.
बौधा डैम: प्रखंड मुख्यालय से करीब छह किलोमीटर दूर डहरभंगा का बौधा डैम है. एक तरफ चट्टान की पहाड़ व दूसरी ओर डैम भी पिकनिक मनाने के लिए उपयुक्त स्थल है. यहां सिर्फ निजी वाहनों से ही आया जा सकता है.
डहरभंगा का बौधा डैम नये साल के स्वागत में सैलानियों के लिए तैयार है. पिकनिक मनाने के लिए हजारों की संख्या में लोग आते है. आनेवाले पर्यटक 15 एकड़ में फैले खूबसूरत डैम कि छबी को निहारते है. डैम में विभिन्न प्रकार के प्रवासी विदेशी पक्षियों का जमावड़ा है. बोधा डैम का निर्माण 1975-80 में हुआ था.
कारी झरना: झरपो का कारी झरना प्रखंड मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर पर स्थित है. यहां निजी वाहन से आया जा सकता है. प्रतिवर्ष जंगलों में रक्षा बंधन किया जाता है. यहां पर मां काली का मंदिर है. इसलिए यह कारी झरना के नाम से प्रख्यात है. प्रखंड मुख्यालय से लगभग चार किलोमीटर दूर बेड़म क्षेत्र का नदी है. यहां भी अपने निजी वाहन या फिर किराये के ऑटो वगैरह से जाया जा सकता है.
