खूंटी : हूल दिवस के अवसर पर जिला में आदिवासी जन उत्थान अभियान के तहत विशेष ग्रामसभा आयोजित की गयी. अनुसूचित जनजाति आवसीय विद्यालय कुंदी में निदेशक आइटीडीए भीष्म कुमार एवं जिला कल्याण पदाधिकारी सुषमा नीलम सोरेंग ने हूल दिवस पर महान स्वतंत्रता सेनानी स्वतंत्रता सिदो-कान्हू के चित्र पर माल्यार्पण कर शत-शत नमन किया. साथ ही बच्चों को हूल क्रांति जो स्वतंत्रता की पहली लड़ाई भी मानी जाती है कि बच्चों को जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि आदिवासी जन उत्थान अभियान कार्यक्रम का उद्देश्य
आदिवासियों को सरकार की योजनाओं से आच्छादित करना तथा उनका जीवन स्तर उठाना है. 30 जून से 15 अगस्त तक वैसे गांव जहां अनुसूचित जनजाति की आबादी 50 प्रतिशत से अधिक है, योजनाओं से आच्छादित कर आदिवासियों का उत्थान सरकार की प्राथमिकता है. इसी के तहत 14 जुलाई को उज्ज्वला दिवस, 20 को ग्राम स्वराज दिवस,
27 को स्वच्छता दिवस, दो अगस्त को ऊर्जा दिवस तथा पांच से 12 अगस्त तक प्रधानमंत्री जन-धन योजना, प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और 15 अगस्त को मिशन इंद्र्रधनुष दिवस का आयोजन किया जाना है. आजसू पार्टी ने शनिवार को हूल दिवस पर संथाल के वीर सपूतों सिदो-कान्हू तथा चांद-भैरव को याद कर नमन किया. मौके पर कार्यकर्ताओं ने वीरों की तसवीर पर माल्यार्पण किया. मौके पर जिलाध्यक्ष लोधा नायक, लाडले खां, नगर अध्यक्ष जयकांत कश्यप, दीपक हजाम, हेयाज खां, अनूप कुमार, मो हुसैन, खुशबू, उमा, पवन, अनु आदि मौजूद थे.
तमाड़. प्रखंड कृषि तकनीकी केंद्र तमाड़ में सिंगल विंडो सिस्टम सभागार में हूल दिवस मनाया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ सिदो-कान्हू तथा चांद-भैरव के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित व पुष्प अर्पित कर किया गया. कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं ने कहा कि 30 जून 1855 को इन दो शहीदों ने 20 हजार से अधिक देशप्रेमी लोगों को एकत्रित कर अंग्रेजों के खिलाफ क्रांति का बिगुल फूंक कर देशप्रेम का एक मिसाल कायम किया था. उन्होंने झारखंड की भूमि को गौरवान्वित किया. हम सबों को इन वीर सपूतों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि तब होगी, जब हम अपने देश के प्रति अपने कार्यों का निर्वह्न सही रूप से करेंगे.
कार्यक्रम में लक्ष्मण सिंह मुंडा, सीता देवी, सोनाराम मुंडा, मेघनाथ महतो, पंकज राय, भूषण मुंडा, गुरुचरण अहिर, हीरा मुंडा आदि शामिल थे. इधर पेड़ायडीह पंचायत भवन में भी हूल दिवस धूमधाम से मनाया गया. जिसमें मुखिया अनिता देवी, लक्ष्मण सिंह मुंडा, प्रकाश मुंडा, गुरंचरण अहिर, पंचायत सचिव बंगाली मुंडा, जनसेवक थोमस कुजूर आदि शामिल थे.
कर्रा-गोविंदपुर में हूल दिवस मना
कर्रा. प्रखंड के गोविंदपुर पंचायत सचिवालय में मुखिया मीना देवी की अध्यक्षता में हूल दिवस मनाया गया.कार्यक्रम में अमर शहीद सिदो-कान्हू तथा चांद-भैरव की जीवनी पर प्रकाश डाला गया. कहा गया कि उनके नेतृत्व में 30 जून 1855 को अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंका गया. उन्होंने अंग्रेजों को मार भगाने के संकल्प के साथ अंग्रेज हमारी भूमि छोड़ो के नारे दिये. गोविंदपुर पंचायत सचिवालय में उपस्थित लोगों ने शहीद सिदो-कान्हू के जयकारे लगाये. इस मौके पर मुखिया मीना देवी, जगरनाथ पूर्ति, वार्ड सदस्य कृपा होरो, मनोज कुमार, रीना गुप्ता, धनंजय, अाफताब व ग्रामीण उपस्थित थे.
अधिकारी व कर्मी तन्मयता से करें काम
उपायुक्त ने इस अभियान के सफल आयोजन के लिए अधिकारियों व कर्मचारियों को पूरी तन्मयता से कार्य करने का निर्देश दिया है. उन्होंने शनिवार को विशेष रूप से अड़की प्रखंड के सोसोकुटी पंचायत का सोनपुर, कोचांग पंचायत का कोचांग, बोहंदा के कुरूंगा, खूंटी प्रखंड के बारूढ़ी पंचायत के घाघरा, खटंगा, उदिगमा सहित जिकिलता में मारंगहदहा, पतराटोली ओमेटो, तिलिमा, हदादबु, डिगरी, उदबुरू, मुरहू प्रखंड के हेतगोवा, गुटिगड़ा, डहुगड़ाग में विशेष ग्रामसभा करने का निर्देश दिया था. इन ग्रामसभाओं में प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली कनेक्शन, पेयजल, सड़क,आंगनबाड़ी केंद्र, वृद्धा पेंशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड, सोलर लाइट स्वास्थ्य विद्यालय, बेरोजगार युवक को रोजगार के लिए प्रशिक्षण आवेदन पत्र एकत्रित करने तथा आधारभूत संरचना, जल संग्रह, कृषि आदि योजनाओं के संबंध में ग्रामसभा में चर्चा करा कर पारित प्रस्ताव प्राप्त करने का निर्देश दिया था. इसके लिए पदाधिकारियों व कर्मचारियों की भी प्रतिनियुक्त की गयी थी. साथ ही उन्होंने व्यक्तियों की निजी समस्याओं से संबंधित आवेदन प्राप्त करने का निर्देश दिया था. इसी आलोक में विशेष ग्रामसभा आयोजित की गयी.
हूल दिवस पर याद किये गये वीर शहीद
जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय खूंटी में शनिवार को हूल दिवस मनाया गया. मौके पर संथाल के अमर सपूतों को याद किया गया. जिलाध्यक्ष रामकृष्णा चौधरी ने कहा कि 1855 में अंग्रेजों के खिलाफ आजादी का जंग का आह्वान संथाल परगना के योद्धा सिदो-कान्हू तथा चांद-भैरव ने ही किया. तब जाकर 1857 की सिपाही विद्रोह हुआ था. उक्त वीर शहीदों को नमन कर सभी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. मौके पर पूर्व विधायक कालीचरण मुंडा, ओमप्रकाश मिश्र, प्रभाष जायसवाल, पुनीत हेमरोम, अजय कुमार, पुरुषोत्तम गंझू, सयुम अंसारी, किशोर गंझू, बैजनाथ मुंडा, नरेंद्र श्रीवास्तव, देवेंद्र महतो, लव किशोर भगत, सहिंदर महतो, जयंत प्रसाद, कामेश्वर महतो, राजेंद्र राम, बिपीन मांझी, सुनील गुप्ता, मुखिया सुशील संगा आदि मौजूद थे.