पिपरवार : कोल इंडिया में श्रमिकों का नियोजन शिक्षा के आधार पर होना चाहिए. प्रबंधन उन्हें शिक्षा के अनुसार सीधे नियुक्त करे. उक्त बातें मंगलवार को पिपरवार जीएम ऑफिस के समक्ष प्रदर्शन के दौरान सीसीएल सीसीकेएस वेलफेयर बोर्ड सदस्य सह एनके क्षेत्र के प्रभारी राजीव रंजन सिंह ने मजदूरों से कही. उन्होंने कामगारों के लिए स्टेगर्ड रेस्ट नियम पर कहा कि प्रबंधन अफवाह फैला रहा है. बताया कि बीएमएस ने 10वां वेतन समझौता में ऐसा कोई हस्ताक्षर किया ही नहीं है.
कामगारों का रेस्ट पूर्व की भांति यथावत रहनी चाहिए. कहा कि पिपरवार क्षेत्र में कायाकल्प योजना के तहत 50 फीसदी काम हो जाने की एक रिपोर्ट भारत सरकार को सौंपा गया है. कार्य धरातल पर कहीं नहीं दिख रहा है, इसमें भारी अनियमितता की गयी है. असंगठित मजदूरों का जॉब सुरक्षित करने का वकालत करते हुए उन्होंने बायोमेट्रीक प्रणाली से हाजिरी बनाने की मांग की. उन्होंने क्रमबद्ध आंदोलनों पर भी प्रबंधन की आंख नहीं खुलने पर दो जुलाई को चक्का जाम व सात जुलाई के बाद हड़ताल की चेतावनी दी. इससे पूर्व कई वक्ताओं ने भी कई स्थानीय मुद्दे पर चर्चा की. प्रदर्शन के बाद यूनियन ने प्रबंधन को एक पांच सूत्री ज्ञापन सौंपा. अध्यक्षता रामू गोप व संचालन बीके झा ने किया. मौके पर उमेंद्र कुमार, महेंद्र केवट, प्रदीप त्रिपाठी, सुरेश तिवारी, सुरेंद्र बैठा, नसरूद्दीन खान, चमन महतो, रामलाल राम, रामवचन यादव, धनेश्वर मांझी, गिरजा मांझी, अजय नोनिया, मोहन साव, अनूप खन्ना, चमन महतो आदि मौजूद थे.
