गुरुवार को हुई थी हत्या
खलारी : सीसीएल कर्मी सह विस्थापित नेता सुरेश उरांव का शव सीसीएल द्वारा उनके आश्रित को नौकरी देने के लिए सकारात्मक पहल करने के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने उठने दिया. इसके बाद रात करीब 1.30 बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए चतरा भेजा गया. इससे पहले रात में ही जीएम कार्यालय में सीसीएल प्रबंधन, ग्रामीण व श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई. जिसमें महाप्रबंधक एमके राव ने नौकरी देने के मामले पर ग्रामीणों से सोमवार तक का समय लिया है.
जीएम राव ने कोल इंडिया प्रबंधन तथा मंत्रालय से बात कर इस संबंध में सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया. कहा है कि नौकरी देने के मामले में सोमवार तक निर्णय बता दिया जायेगा. वहीं ग्रामीणों ने कहा है कि सोमवार को आश्रितों को नौकरी देने के पक्ष में सकारात्मक निर्णय नहीं आया, तो मंगलवार से पुन: आंदोलन शुरू किया जायेगा. इधर खदान का काम भी रात्रि डेढ़ बजे चालू हो गया. वार्ता में जीएम के अलावा एसओपी भरतजी ठाकुर, ग्रामीणों की ओर से बहुरा मुंडा, महेंद्र उरांव, बलेश्वर उरांव, धर्म गुरु बंधन तिग्गा, श्रमिक प्रतिनिधि बलिराम सिंह, प्रेम कुमार, मिथिलेश कुमार सिंह आदि शामिल थे. गुरुवार को अपराधियों ने सुरेश उरांव की गोली मार कर हत्या कर दी थी.
शव को घर लाये जाने पर माहौल हुआ गमगीन
सुरेश उरांव का अंतिम संस्कार
शुक्रवार को दामोदर नदी तट पर किया गया. अंतिम संस्कार में सैकड़ों लोग शामिल हुए.
इससे पूर्व पोस्टमार्टम के बाद शव को कुसुमटोला लाया गया. जहां उनके परिजनों के चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया. अंतिम संस्कार में पूर्व विधायक देवकुमार धान, धर्मगुरु बंधन तिग्गा, वीरेंद्र भगत, पुनीत मिंज, बहुरा मुंडा, दीपक दास, महेंद्र उरांव, धनराज भोगता, बलेश्वर उरांव, सरयू सिंह, रंथु उरांव, राजकुमार उरांव, बाबूलाल
गंझू, कमल मुंडा, देवपाल मुंडा, केदार मिंज, महेश मुंडा, पंकज मुंडा सहित एनके पिपरवार व आसपास के लोग शामिल हुए.
