ग्रामीणों ने बताया कि मेला लग सकता है, लेकिन इसकी तैयारी नजर नहीं आ रही है
खूंटी : नौ जून को धरती आबा बिरसा मुंडा की जयंती है, लेकिन उसके एक दिन पहले तक उनकी जन्मस्थली उलीहातू में सन्नाटा पसरा हुआ था़ बिरसा मुंडा के वंशज सुखराम मुंडा किसी काम से खूंटी गये थे. बिरसा ओड़ा: (बिरसा मुंडा का घर) के आसपास लोग नजर नहीं आ रहे थे. बाहर का गेट खुला था पर बिरसा ओड़ा बंद था़ यहां साफ-सफाई भी नहीं की गयी थी.
कुछ ग्रामीण मिले, तो उन्होंने बताया कि नौ जून को कोई मेला लग सकता है, लेकिन उसकी कोई तैयारी नजर नहीं आ रही है़ नौ जून को ही लोग आयेंगे. हो सकता है विधायक भी आये. बिरसा ओड़ा: के ठीक सामने बने सांस्कृतिक भवन के बाहर कुछ बच्चे खेल रहे थे़ एक-दो ग्रामीण वहां बैठ कर बातचीत भी कर रहे थे़ उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक भवन का कोई उपयोग नहीं होता है़ हां, बरसात के दिनों में ग्रामीणों की यहां बैठक होती है़
बिरसा अोड़ा: के समीप सांस्कृतिक भवन का उपयोग नहीं, बरसात में ग्रामीण करते हैं बैठक
सबको पक्का मकान देने की योजना अधर में
शहीद आदर्श ग्राम विकास योजना के तहत उलीहातू के सभी घर को पक्का बनाया जाना था़ सरकार की योजना के तहत यहां मिट्टी के घर के बदले चार कमरे का पक्का मकान तैयार किया जाना है़ 17 सितंबर 2017 को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने उलीहातू में योजना की आधारशिला रखी थी, लेकिन अबतक योजना पर काम शुरू नहीं हो सका है. ग्रामीणों की मानें तो सरकार उन्हें छोटे कमरों का मकान दे रही है़ जिसमें रहने में उन्हें सहूलियत नहीं होगी़ ग्रामीण बड़े कमरे की मकान की मांग कर रहे हैं. इसे लेकर कई बार बैठकों का दौर चल चुका है. ग्रामीणों ने कहा कि हम मकान तो बनाना चाहते हैं पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो
सका है़
