सरकारी उपेक्षा के कारण नहीं बना रायसा चेकडैम

सौ एकड़ से ज्यादा सिंचित क्षेत्र हुआ प्रभावित बुंडू : रांची-टाटा मार्ग पर बुंडू और नामकोम सीमा क्षेत्र पर स्थित रायसा नदी पर बना चेकडैम सरकारी उपेक्षा के कारण इस वर्ष भी नहीं बना. जिससे 100 एकड़ से ज्यादा सिंचित क्षेत्र प्रभावित हो रहा है. बीते वर्ष भारी बारिश के कारण चेकडैम बह गया था. […]

सौ एकड़ से ज्यादा सिंचित क्षेत्र हुआ प्रभावित

बुंडू : रांची-टाटा मार्ग पर बुंडू और नामकोम सीमा क्षेत्र पर स्थित रायसा नदी पर बना चेकडैम सरकारी उपेक्षा के कारण
इस वर्ष भी नहीं बना. जिससे 100 एकड़ से ज्यादा सिंचित क्षेत्र प्रभावित हो रहा है.
बीते वर्ष भारी बारिश के कारण चेकडैम बह गया था. इसका निर्माण एकीकृत बिहार के समय मुखिया किशुन पाहन ने मुखिया मद से लगभग एक लाख रुपये की लागत से बनवाया था. योजना किसानों के लिए इतना लाभकारी साबित हुआ कि बिहार सरकार के मंत्री से लेकर उपायुक्त और उप विकास आयुक्त बार-बार इसे देखने आते थे. योजना राज्य के लिए रोल मॉडल साबित हुआ.
मुखिया किशुन पाहन को इस चेकडैम के लिए जिला प्रशासन ने सम्मानित भी किया था. बाद में इस चेकडैम से पक्की नाली बना कर खेतों तक पानी पहुंचाया जाता था, लेकिन अब चेकडैम बह चुका है. इस चेकडैम से तैमारा और इसके अगल-बगल के गांवों के खेतों में सिंचाई होती थी. विभाग अभी तक चेकडैम को नये सिरे से नहीं बनवाया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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