सोनाहातू. प्रखंड के चौकाहातू-बुरूहातू गांव में रविवार को धान खेत में दो जंगली हाथी दिन भर जमे रहे. इससे किसान भयभीत रहे. क्षेत्र में धनकटनी चल रही है. ऐसे समय में हाथियों के खेत में रहने से किसान काफी परेशान हैं.
चौकाहातू, बुरूहातू और सुंदुप गांव के लोग हाथी के भय से धनकटनी बंद रखी. लोग हाथियों के भागने का इंतजार करते रहे. देर शाम तक हाथी खेत में रह कर धान की फसल को खाया व उसे नष्ट करते रहे. ग्रामीणों के अनुसार शनिवार रात इचागढ़ रेंज से हाथियों का झुंड गांव में प्रवेश किया. रविवार सुबह झुंड बारेंदा-उलिडीह जंगल की ओर भाग गये, पर दो हाथी झुंड से बिछड़ कर गांव में रह गये.
गांव में हाथियों के आने की सूचना पर पंचायत के पंस सदस्य निशिकांत गोंझू गांव पहुंच कर क्षति का जायजा लिया. वन विभाग का कोई अधिकारी हाथियों को भगाने नहीं आया, इससे ग्रामीणों में आक्रोश है. रविवार को दिन में नेपाल सिंह मुंडा, विंदावन मुंडा, जयविजय दास, संजय मांझी, विवेक मांझी, शिष्टीधर मांझी, महावीर मांझी, विजन मांझी, चामू मांझी, आसित मांझी, अशोक मांझी, रत्नेश मांझी, चितरंजन मांझी, शत्रुघ्न मांझी, रोविन मांझी, लखन मांझी के खेत में लगे धान को हाथियों ने नष्ट किया है.
